डीयूयू गोरखपुर के ललित कला विभाग का परचम, दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड में 8 छात्रों का चयन
Gorakhpur DDU Fine Arts students 8 selected DSSSB. दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के ललित कला विभाग के छात्रों ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस विभाग के 8 छात्रों का चयन दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड में एक ही साथ हुआ है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के ललित कला विभाग ने एक बड़ी शैक्षणिक उपलब्धि दर्ज की है। दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (DSSSB) की ओर से आयोजित भर्ती परीक्षा में विभाग के 8 मेधावी छात्रों ने सफलता का परचम लहराया है। चयनित होने वाले इन छात्रों में पांच छात्राएं और तीन छात्र शामिल हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया है।
सफलता की सूची और विभाग का गौरव
बोर्ड द्वारा 25 जून को घोषित किए गए परिणामों में जिन छात्रों ने बाजी मारी है, उनमें निवेदिता यादव, प्रिंस कुमार कांडू, विनीता तिवारी, प्रीति भारती, शिवांगी पांडेय, डॉ. अमन कुमार रौनियार, विपुल कुमार नायक और तान्या शामिल हैं। विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. गौरी शंकर चौहान ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि एक साथ आठ छात्रों का चयन होना विश्वविद्यालय के लिए अत्यंत गौरव का क्षण है।
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन ने भी छात्रों की इस सफलता को संस्थान के बेहतर शैक्षणिक वातावरण का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के निरंतर मार्गदर्शन और छात्रों की कड़ी मेहनत का ही यह सुखद परिणाम है, जिससे विश्वविद्यालय का नाम गौरवान्वित हुआ है।
विविध पृष्ठभूमि से आए सफल अभ्यर्थी
चयनित छात्रों की पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो इनमें से कई पहले से ही विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत हैं। निवेदिता यादव, शिवांगी पांडेय और प्रिंस कुमार कांडू पीएचडी स्कॉलर के रूप में शोध कार्य कर रहे हैं। वहीं, प्रीति भारती, अमित कुमार और तान्या पहले से ही शिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसके अलावा, विनीता तिवारी एक निजी कंपनी में ग्राफिक डिजाइनर के पद पर कार्यरत हैं, जबकि विपुल कुमार नायक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे थे।
इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि ललित कला जैसे रचनात्मक विषयों में भी करियर की अपार संभावनाएं हैं, बशर्ते छात्रों को सही दिशा और मार्गदर्शन मिले।
क्या है चयन प्रक्रिया का स्वरूप
DSSSB में चयन की प्रक्रिया काफी व्यवस्थित और चुनौतीपूर्ण होती है। निवेदिता यादव ने बताया कि सबसे पहले उम्मीदवारों को कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) से गुजरना पड़ता है, जिसमें विषयगत ज्ञान और सामान्य योग्यता का परीक्षण किया जाता है। कट-ऑफ जारी होने के बाद मेरिट में आने वाले अभ्यर्थियों को अगले चरण के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाता है।
शॉर्टलिस्ट होने के बाद उम्मीदवारों को ई-डोजियर प्रक्रिया के तहत अपने सभी शैक्षणिक और व्यक्तिगत दस्तावेज ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने होते हैं। इसके बाद संबंधित विभाग दस्तावेजों के भौतिक सत्यापन (Document Verification) के लिए बुलाता है। अंत में, मेडिकल फिटनेस टेस्ट के बाद ही नियुक्ति पत्र जारी किया जाता है।
नियुक्ति पत्र मिलने के बाद उम्मीदवारों को स्कूल या विभाग आवंटित किया जाता है, जिसके बाद उन्हें निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपनी जॉइनिंग रिपोर्ट देनी होती है। इन छात्रों की सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
