असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा: 40 फीसदी अभ्यर्थी रहे नदारद, इंदौर में ही बनाए गए थे केंद्र

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

परीक्षा में बड़ी संख्या में अनुपस्थित रहे उम्मीदवार
मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) द्वारा आयोजित असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा में एक बड़ा हिस्सा अनुपस्थित रहा। रविवार को संपन्न हुई इस परीक्षा में छह विषयों के 148 पदों के लिए कुल 5710 उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से केवल 3426 अभ्यर्थी ही परीक्षा केंद्रों तक पहुंचे। आंकड़ों के अनुसार, लगभग 40 प्रतिशत यानी 2284 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल नहीं हुए।
आयोग ने इस बार परीक्षा के लिए पूरे प्रदेश के अभ्यर्थियों को केवल इंदौर में ही बुलाया था। इंदौर में कुल 13 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां कड़ी सुरक्षा और जांच के बाद ही अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया गया। इस भर्ती प्रक्रिया की एक बड़ी विशेषता यह रही कि इसमें पहली बार निगेटिव मार्किंग का प्रावधान लागू किया गया था।
परीक्षा केंद्रों की दूरी और देरी बनी बाधा
विशेषज्ञों और अभ्यर्थियों का मानना है कि परीक्षा केंद्रों का सीमित होना और केवल इंदौर में ही परीक्षा आयोजित करना उपस्थिति कम रहने का एक मुख्य कारण है। प्रदेश के दूर-दराज के जिलों से आने वाले उम्मीदवारों के लिए लंबी यात्रा करना और वर्तमान में जारी बारिश का मौसम एक बड़ी चुनौती साबित हुआ। इसके अलावा, भर्ती प्रक्रिया में हो रही देरी भी छात्रों के उत्साह को कम कर रही है।
आंकड़ों पर नजर डालें तो एमपीपीएससी की परीक्षाओं में अनुपस्थिति का यह कोई नया ट्रेंड नहीं है। इससे पहले दिसंबर 2024 की सेट परीक्षा में 42 प्रतिशत और अगस्त 2024 की असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा में 45 प्रतिशत अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे थे। राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा में भी लगभग 28 प्रतिशत उम्मीदवार परीक्षा देने नहीं पहुंचे थे।
भर्ती प्रक्रिया का आगामी चरण और समयसीमा
वर्ष 2025 की असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा तीन चरणों में पूरी की जानी है, जिसके तहत 19 विषयों के कुल 1239 पदों को भरा जाएगा। पहले चरण में संस्कृत, योगिक साइंस, लॉ, जियोलॉजी, जियोग्राफी और फिजियोलॉजी जैसे विषय शामिल थे। अब दूसरे चरण की परीक्षा 2 अगस्त को आयोजित की जाएगी, जिसमें पांच विषयों के 345 पदों के लिए परीक्षा होगी। इसमें कॉमर्स, इंग्लिश, हिंदी, समाजशास्त्र और पॉलिटिकल साइंस के पद शामिल हैं।
परीक्षा परिणाम को लेकर आयोग की ओर से संकेत दिए गए हैं कि नतीजे 30 से 45 दिनों के भीतर घोषित किए जा सकते हैं। हालांकि, इंटरव्यू की प्रक्रिया में लंबा समय लग सकता है। वर्तमान में 2024 की भर्ती के 10 से अधिक विषयों के इंटरव्यू लंबित हैं, जिन्हें पहले पूरा किया जाएगा। इस कारण नई भर्ती के इंटरव्यू अगले साल फरवरी तक होने की संभावना जताई जा रही है।
तीसरे चरण की परीक्षा में फिजिक्स, इकोनॉमिक्स, कम्प्यूटर साइंस, गणित, जूलॉजी, बॉटनी, केमिस्ट्री और हिस्ट्री जैसे विषयों के पद शामिल हैं। लंबे समय से चल रही भर्ती प्रक्रिया के कारण छात्रों को अंतिम चयन के लिए अभी और इंतजार करना पड़ सकता है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
