दरभंगा में अवैध मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़, भारी मात्रा में हथियार और कारतूस बरामद
जनप्रतिनिधि के पति के संरक्षण में हथियार सप्लाई का दावा. Police arrested one accused and launched a probe into the entire network.

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

बिहार के दरभंगा जिले में पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। कमतौल थाना क्षेत्र के अंतर्गत पौनद गांव में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर एक मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में निर्मित हथियार, कारतूस और हथियार बनाने के उपकरण बरामद किए हैं।
छापेमारी में हथियारों का जखीरा बरामद
एसडीपीओ शुभेंद्र कुमार सुमन ने प्रेसवार्ता में जानकारी दी कि पुलिस को पौनद गांव में अवैध हथियार निर्माण की सूचना मिली थी। जिला तकनीकी टीम की मदद से पुष्टि होने के बाद कमतौल पुलिस ने आरोपी संजय कुमार दास के घर पर दबिश दी। तलाशी के दौरान पुलिस को तीन देसी पिस्टल, चार मैगजीन और करीब 70 राउंड कारतूस मिले। इसके अलावा, मौके से लेथ मशीन, छेनी, हथौड़ी और अन्य उपकरण बरामद किए गए, जिनका उपयोग हथियार बनाने और उन्हें असेंबल करने में किया जाता था।
हथियारों के साथ-साथ पुलिस ने आरोपी के घर से 18 लीटर विदेशी शराब और पांच लीटर बीयर भी जब्त की है। आरोपी के खिलाफ पहले से ही शराब तस्करी का एक मामला दर्ज है, जिससे उसकी आपराधिक संलिप्तता की पुष्टि होती है।
मुंगेर से आता था कच्चा माल
पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपी संजय कुमार दास ने पुलिस को बताया कि हथियार बनाने के लिए कच्चा माल मुंगेर से मंगाया जाता था। पौनद गांव स्थित उसके घर में इन पुर्जों को जोड़कर पिस्टल तैयार की जाती थी। तैयार हथियारों को बाद में विभिन्न स्थानों पर सप्लाई किया जाता था। आरोपी ने खुलासा किया कि उसे प्रत्येक हथियार तैयार करने के बदले पांच हजार रुपये का मेहनताना मिलता था।
आरोपी ने पूछताछ में दावा किया है कि यह पूरा अवैध कारोबार एक स्थानीय जनप्रतिनिधि के पति के संरक्षण में चल रहा था। उसने बताया कि उसी के निर्देश पर हथियारों का निर्माण और वितरण किया जा रहा था। पुलिस ने इन दावों को गंभीरता से लिया है, हालांकि अधिकारियों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति की भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही की जाएगी।
पूरे नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। आरोपी के बयानों के आधार पर उन लोगों की पहचान की जा रही है, जो इस अवैध हथियार तस्करी में शामिल हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अब तक कितने हथियार बनाए गए और उन्हें किन-किन अपराधियों तक पहुंचाया गया है।
गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ अवैध हथियार निर्माण, शस्त्र अधिनियम और उत्पाद अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस का मानना है कि इस फैक्ट्री के पकड़े जाने से क्षेत्र में सक्रिय हथियार तस्करों के बड़े गिरोह का खुलासा हो सकता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!