1.18 करोड़ की साइबर ठगी: जोधपुर से एक और आरोपी गिरफ्तार, अब तक 17 लोग सलाखों के पीछे
हरियाणा के नारनौल साइबर थाना पुलिस ने 1.18 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी टेलीग्राम टास्क फ्रॉड से जुड़े साइबर अपराधियों के लिए कमीशन के आधार पर अपने बैंक खाते का इस्तेमाल करता था।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

हरियाणा के नारनौल स्थित साइबर थाना पुलिस ने 1.18 करोड़ रुपये की बड़ी साइबर धोखाधड़ी के मामले में एक और महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस मामले में राजस्थान के जोधपुर से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान प्रतापनगर निवासी दिव्यांशु के रूप में की गई है। इस गिरफ्तारी के साथ ही मामले में पकड़े गए कुल आरोपियों की संख्या अब 17 हो गई है।
कमीशन के बदले बैंक खातों का दुरुपयोग
जांच में यह बात सामने आई है कि दिव्यांशु टेलीग्राम टास्क फ्रॉड चलाने वाले गिरोह के लिए काम करता था। वह कमीशन के बदले अपने बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर अपराधियों को करने देता था। पुलिस को जांच के दौरान पता चला कि ठगी गई कुल राशि में से एक लाख रुपये सीधे आरोपी के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। पुलिस ने उसे हिरासत में लेने के बाद अदालत में पेश किया है।
इस मामले की जड़ें काफी गहरी हैं। पुलिस ने अब तक की कार्रवाई में 16 अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। पिछली गिरफ्तारियों के दौरान पुलिस ने अपराधियों के पास से 20 हजार रुपये नकद, 26 मोबाइल फोन, चार लैपटॉप, 59 एटीएम कार्ड और 22 चेकबुक समेत बड़ी मात्रा में डिजिटल उपकरण और बैंकिंग दस्तावेज बरामद किए थे।
टेलीग्राम टास्क के जाल में फंसाया
धोखाधड़ी की शुरुआत गांव खैराना निवासी सुनील कुमार की शिकायत से हुई थी। पीड़ित को टेलीग्राम पर घर बैठे ऑनलाइन काम करने का प्रलोभन दिया गया था। एक वेब लिंक के जरिए पंजीकरण कराने के बाद उसे एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ दिया गया। शुरुआत में उसे छोटे टास्क देकर कुछ पैसे वापस लौटाए गए, जिससे उसका भरोसा जीत लिया गया।
भरोसा कायम होने के बाद ठगों ने उसे अधिक मुनाफे का लालच देना शुरू किया। पीड़ित ने अपनी जमा पूंजी के साथ-साथ दोस्तों और रिश्तेदारों से उधार लेकर कुल 1,18,47,353 रुपये अलग-अलग खातों में जमा कर दिए। वेबसाइट पर उसे अपने खाते में 1.52 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दिखाई जा रही थी, लेकिन जब उसने निकासी की कोशिश की तो ठगों ने और पैसे जमा करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया।
पुलिस की आगे की कार्रवाई
पीड़ित को जब ठगी का अहसास हुआ, तो उसने नारनौल साइबर थाने में मामला दर्ज कराया। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गहन जांच शुरू की थी। अब तक 17 लोगों की गिरफ्तारी ने गिरोह के नेटवर्क को काफी हद तक बेनकाब कर दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है।
साइबर विशेषज्ञों ने आम जनता को आगाह किया है कि टेलीग्राम या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मिलने वाले 'वर्क फ्रॉम होम' और 'टास्क आधारित' मुनाफे के झांसे में न आएं। किसी भी अनजान वेबसाइट या लिंक पर पैसे निवेश करने से पहले उसकी प्रमाणिकता की जांच अवश्य करें। पुलिस इस मामले में पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के मुख्य सरगना तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!