शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद बाड़मेर में कांग्रेस का विजय मार्च, नेताओं ने बताया युवाओं की जीत
Barmer Congress celebrates Education Minister Dharmendra Pradhan resignation with victory march. बायतु विधायक हरीश चौधरी ने कहा आज देश के संविधान की जीत हुई है। सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तो अभी शुरुआत है, आगे-आगे देखिए सरकार का अहंकार किस तरह लगातार टूटता जाएगा।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर बाड़मेर में जश्न
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद बाड़मेर जिला कांग्रेस कमेटी ने शनिवार देर शाम एक विजय मार्च का आयोजन किया। गांधी चौक से शुरू हुआ यह मार्च स्टेशन रोड होते हुए अहिंसा सर्किल तक पहुंचा, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, छात्र और स्थानीय नेता शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने हाथों में कैंडल और तिरंगा लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और इसे लोकतंत्र की जीत करार दिया।
इस प्रदर्शन का नेतृत्व जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह गोदारा ने किया। मार्च में शामिल लोगों ने इसे देशभर के छात्रों के लंबे संघर्ष और राहुल गांधी द्वारा उठाए गए मुद्दों की सफलता बताया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह इस्तीफा केवल एक शुरुआत है और सरकार को युवाओं की मांगों के आगे झुकना ही पड़ा।
विधायक हरीश चौधरी और सांसद बेनीवाल की तीखी प्रतिक्रिया
बायतु विधायक हरीश चौधरी ने इस अवसर पर कहा कि आज देश के संविधान की जीत हुई है। उन्होंने इसे युवाओं और छात्रों के संघर्ष का परिणाम बताते हुए कहा कि अहंकार की हार हुई है। चौधरी ने जोर देकर कहा कि युवाओं पर लाठीचार्ज करना देश के भविष्य को कुचलने का प्रयास था, जिसका जवाब युवाओं ने अपनी एकता से दिया है।
सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग पहले अहंकार में यह कहते थे कि इस्तीफा देना उनकी संस्कृति में नहीं है, उन्हें अब लोकतंत्र की असली ताकत का एहसास हो गया है। बेनीवाल ने चेतावनी दी कि यह इस्तीफा महज एक शुरुआत है और आने वाले समय में सरकार का अहंकार और अधिक टूटेगा।
युवाओं की आवाज और कांग्रेस का संघर्ष
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि पेपर लीक और शिक्षा प्रणाली में खामियों के खिलाफ पार्टी लगातार सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रही थी। जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह गोदारा ने कहा कि राहुल गांधी ने लगातार युवाओं की आवाज को बुलंद किया और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा युवाओं के भविष्य के लिए संघर्ष करती रहेगी।
प्रदर्शन में शामिल अन्य नेताओं जैसे ठाकराराम माली ने भी इसे युवाओं की बड़ी जीत बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने प्रधानमंत्री आवास के घेराव से लेकर गांधी स्मारक तक मार्च निकालकर संविधान की रक्षा का संकल्प लिया था, जिसका असर अब दिखाई दे रहा है। रैली में शामिल छात्रों और महिलाओं ने भी सरकार की नीतियों के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया।
आगे की राह और युवाओं की अपेक्षाएं
विजय मार्च के दौरान कांग्रेस नेताओं ने दोहराया कि केवल एक इस्तीफा काफी नहीं है। देश की शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना मुख्य मांग है। उन्होंने कहा कि सरकार को अब शिक्षा के क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार और अव्यवस्थाओं को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।
बाड़मेर में हुए इस प्रदर्शन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि स्थानीय स्तर पर कांग्रेस इस मुद्दे को भुनाने की पूरी कोशिश कर रही है। आने वाले दिनों में शिक्षा सुधारों को लेकर सरकार पर दबाव और बढ़ने की संभावना है, क्योंकि विपक्षी दल इस मामले को लेकर लगातार सक्रिय बने हुए हैं।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
