NEET और CBSE विवाद: मध्य प्रदेश में कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन, कल सड़कों पर उतरेगी पार्टी
Madhya Pradesh NEET CBSE protest Congress candle march Satyagraha updates. NEET और CBSE परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस अब मध्य प्रदेश में बड़ा आंदोलन करने जा रही है। पार्टी ने प्रदेश के सभी जिलों में शनिवार, 25 जुलाई की शाम कैंडल मार्च निकालने और सत्याग्रह करने का फैसला किया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ कांग्रेस का राष्ट्रव्यापी आंदोलन
देशभर में NEET और CBSE परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर उपजे विवाद के बीच कांग्रेस पार्टी ने मध्य प्रदेश में बड़े आंदोलन की तैयारी कर ली है। पार्टी ने शनिवार, 25 जुलाई को प्रदेश के सभी जिलों में कैंडल मार्च निकालने और सत्याग्रह करने का निर्णय लिया है। इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ और परीक्षा प्रणाली में व्याप्त खामियों के खिलाफ आवाज उठाना है।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव केसी वेणुगोपाल द्वारा जारी निर्देश के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस ने अपनी रणनीति तैयार की है। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आह्वान पर आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से लेकर ब्लॉक स्तर के कार्यकर्ता और विभिन्न फ्रंट संगठनों के पदाधिकारी शामिल होंगे। कांग्रेस ने इस आंदोलन में छात्रों, अभिभावकों और सिविल सोसायटी के सदस्यों को भी बड़ी संख्या में जोड़ने का लक्ष्य रखा है।
गांधी और अंबेडकर प्रतिमाओं के समक्ष होगा सत्याग्रह
आंदोलन की रूपरेखा के अनुसार, जिला कांग्रेस कमेटियों के नेतृत्व में कैंडल मार्च निकाला जाएगा। यह मार्च शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए महात्मा गांधी या डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाओं तक पहुंचेगा। प्रतिमा स्थल पर पहुंचने के बाद कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता सत्याग्रह करेंगे। पार्टी का मानना है कि इन महापुरुषों की प्रतिमाओं के समक्ष विरोध दर्ज कराना सरकार को उनकी जवाबदेही याद दिलाने का एक प्रतीकात्मक तरीका है।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि यह प्रदर्शन केवल पार्टी का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि इसे एक व्यापक छात्र और युवा आंदोलन का स्वरूप दिया जाएगा। पार्टी का आरोप है कि केंद्र सरकार की नीतियों और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की कमी के कारण लाखों युवाओं का भविष्य अधर में लटक गया है। दिल्ली में छात्र आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं को भी कांग्रेस ने अपनी नाराजगी का एक मुख्य कारण बताया है।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
मध्य प्रदेश में होने वाले इन प्रदर्शनों के दौरान कांग्रेस केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को प्रमुखता से उठाएगी। पार्टी का तर्क है कि परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पूरी तरह खत्म हो चुकी है, जिसके लिए शिक्षा मंत्री सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं। कांग्रेस ने अपने सर्कुलर में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि विरोध प्रदर्शन के दौरान शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करने के लिए दबाव बनाया जाए।
आंदोलन में युवा कांग्रेस, एनएसयूआई (NSUI) और अन्य प्रकोष्ठों को सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया है। पार्टी ने निर्देश दिए हैं कि सभी जिलों में होने वाले ये कार्यक्रम पूरी तरह से शांतिपूर्ण और अनुशासित होने चाहिए। साथ ही, इन प्रदर्शनों को सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से व्यापक प्रचार देने के लिए भी कहा गया है ताकि केंद्र सरकार पर दबाव बनाया जा सके।
संगठनात्मक स्तर पर तैयारी और निर्देश
AICC ने इस कार्यक्रम को 'मोस्ट अर्जेंट' श्रेणी में रखा है, जिसके चलते मध्य प्रदेश कांग्रेस की सभी इकाइयों को शनिवार के लिए पूरी तरह अलर्ट रहने को कहा गया है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि यदि समय रहते परीक्षा प्रणाली में सुधार नहीं किया गया, तो यह मुद्दा आने वाले समय में और अधिक गंभीर हो सकता है। शनिवार को होने वाला यह प्रदर्शन कांग्रेस की ओर से केंद्र सरकार को दी गई एक बड़ी चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।
प्रदेश भर में जिला और ब्लॉक स्तर पर होने वाले इन कार्यक्रमों के जरिए कांग्रेस यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि वह युवाओं के साथ खड़ी है। अब देखना यह होगा कि शनिवार को होने वाले इन प्रदर्शनों का सरकार पर क्या असर पड़ता है और क्या कांग्रेस अपनी मांगों को लेकर कोई बड़ा बदलाव लाने में सफल हो पाती है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
