चित्तौड़गढ़: दहेज मामले में समझौता कराने के नाम पर कॉन्स्टेबल ने मांगी रिश्वत, एसीबी ने दर्ज किया केस
Bhupalsagar police station constable bribe case update. भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के बीच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) चित्तौड़गढ़ ने जिले में कार्रवाई की है। भूपालसागर थाने में तैनात एक कॉन्स्टेबल के खिलाफ 10 हजार रुपए रिश्वत मांगने का मामला दर्ज किया गया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए भूपालसागर थाने में तैनात एक पुलिस कॉन्स्टेबल के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपी कॉन्स्टेबल पर दहेज प्रताड़ना के एक मामले में समझौता कराने और कार्रवाई न करने की एवज में रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगा है।
दहेज मामले में की थी पैसों की मांग
एसीबी चित्तौड़गढ़ के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गोपाल स्वरूप मेवाड़ा के अनुसार, भूपालसागर थाने में पदस्थ कॉन्स्टेबल सुरेश विश्नोई के खिलाफ एक परिवादी ने शिकायत दर्ज कराई थी। परिवादी का आरोप था कि उसके बेटे और परिवार के सदस्यों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज था, जिसकी जांच कॉन्स्टेबल सुरेश विश्नोई कर रहे थे। जांच के दौरान, आरोपी पुलिसकर्मी ने परिवादी से मामले में समझौता कराने, रिपोर्ट को रफा-दफा करने और परिवार के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई न करने के बदले 10 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसका सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई, जिसके बाद एसीबी ने 13 जुलाई को कॉन्स्टेबल सुरेश विश्नोई के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया।
रकम न मिलने पर नहीं हो सका ट्रैप
एसीबी की जांच में सामने आया कि परिवादी उस समय 10 हजार रुपये की व्यवस्था नहीं कर पाया था। इसके बाद आरोपी कॉन्स्टेबल ने भी दोबारा रिश्वत लेने के लिए परिवादी को नहीं बुलाया। हालांकि, रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के कारण एसीबी ने परिवादी की सूचना और सत्यापन के आधार पर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। वर्तमान में इस मामले की विस्तृत जांच एसीबी की उदयपुर स्थित इंटेलिजेंस यूनिट द्वारा की जा रही है।
एसीबी अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि किसी भी सरकारी कर्मचारी द्वारा रिश्वत मांगे जाने पर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि वे बिना किसी डर के भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतें दर्ज कराएं ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकें।
भ्रष्टाचार विरोधी जागरूकता सप्ताह का आयोजन
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब पूरे राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। एसीबी के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में 12 से 18 जुलाई तक प्रदेश भर में 'भ्रष्टाचार विरोधी जागरूकता सप्ताह' मनाया जा रहा है। इस अभियान के तहत सरकारी कार्यालयों में जागरूकता पोस्टर लगाए जा रहे हैं और जिले में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं ताकि लोगों को उनके अधिकारों और भ्रष्टाचार के खिलाफ कानूनी प्रावधानों के बारे में शिक्षित किया जा सके।
चित्तौड़गढ़ में हुई इस कार्रवाई ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। पुलिस प्रशासन अब इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने में जुटा है। एसीबी की टीम मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहनता से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या आरोपी कॉन्स्टेबल ने पहले भी इस तरह की अवैध वसूली की है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
