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बुरहानपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: कर्नाटक तक फैले नेटवर्क से बरामद किए 126 कीमती मोबाइल

बुरहानपुर पुलिस ने 126 मोबाइल रिकवर किए।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

7 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें
बुरहानपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: कर्नाटक तक फैले नेटवर्क से बरामद किए 126 कीमती मोबाइल
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तकनीकी दक्षता से मिली गुम मोबाइलों को वापस पाने में सफलता

बुरहानपुर पुलिस ने गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन को खोजने के अपने विशेष अभियान के तहत एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जिले के विभिन्न थानों में दर्ज शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस की साइबर सेल ने कुल 126 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइलों को तकनीकी निगरानी और आईएमईआई (IMEI) ट्रैकिंग के जरिए खोजा गया है। बरामद किए गए फोन में कई महंगे आईफोन भी शामिल हैं, जिनकी कीमत लाखों रुपये में है।

पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी ने इस सफलता के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान आम नागरिकों की खोई हुई संपत्ति को वापस दिलाने के उद्देश्य से चलाया गया था। साइबर टीम ने दिन-रात मेहनत कर इन उपकरणों की लोकेशन ट्रेस की। जांच के दौरान यह पाया गया कि इनमें से कई मोबाइल फोन मध्य प्रदेश की सीमाओं से बाहर, विशेष रूप से कर्नाटक जैसे राज्यों में सक्रिय थे। पुलिस की प्रभावी मॉनिटरिंग के कारण इन उपकरणों को वापस लाने में सफलता मिली।

नागरिकों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

मोबाइल वापस मिलने पर फरियादियों ने पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया है। डायल-112 के कर्मचारी दीपक जगन्नाथ चौधरी ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनका फोन बस स्टैंड पर कहीं गिर गया था। शिकायत दर्ज कराने के बाद उन्हें उम्मीद नहीं थी कि फोन कर्नाटक से वापस मिल पाएगा, लेकिन पुलिस की तत्परता ने इसे संभव कर दिखाया। इसी प्रकार नेपानगर निवासी राजेंद्र मसाने ने बताया कि उनकी बहन का फोन तीन महीने पहले गुम हो गया था, जिसे पुलिस ने सुरक्षित ढूंढ निकाला है।

इस पूरी प्रक्रिया में साइबर सेल प्रभारी मनीषा दीक्षित के नेतृत्व में आरक्षक दुर्गेश पटेल, शक्ति सिंह तोमर, ललित चौहान और सत्यपाल की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। इन पुलिसकर्मियों ने तकनीकी विश्लेषण का उपयोग करते हुए कम समय में एक बड़ी संख्या में मोबाइल बरामद किए। पुलिस की इस कार्यप्रणाली से न केवल लोगों का भरोसा बढ़ा है, बल्कि यह भी साबित हुआ है कि आधुनिक तकनीक का सही उपयोग अपराध नियंत्रण में कितना प्रभावी है।

साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता अभियान

मोबाइल वितरण कार्यक्रम के दौरान पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान के तहत नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। एसपी आशुतोष बागरी, एएसपी प्रदीप शेण्डे और सीएसपी गौरव पाटिल ने लोगों को सलाह दी कि मोबाइल चोरी या गुम होने की स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत नजदीकी थाने में इसकी सूचना दें। उन्होंने बताया कि सीईआईआर (CEIR) पोर्टल का उपयोग करके मोबाइल को ब्लॉक कराना बेहद जरूरी है, ताकि उसका गलत इस्तेमाल न हो सके।

पुलिस अधिकारियों ने जोर दिया कि डिजिटल युग में मोबाइल फोन केवल एक उपकरण नहीं, बल्कि व्यक्तिगत डेटा का केंद्र है। इसलिए, फोन खोने पर देरी किए बिना पुलिस को सूचित करना और तकनीकी सहायता लेना ही सुरक्षा का सबसे बेहतर तरीका है। बुरहानपुर पुलिस का यह अभियान न केवल खोए हुए सामान को वापस दिलाने तक सीमित है, बल्कि यह नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने का संदेश भी देता है।

भविष्य की रणनीति और पुलिस की प्रतिबद्धता

आने वाले समय में भी बुरहानपुर पुलिस इस प्रकार के अभियानों को जारी रखने की योजना बना रही है। पुलिस का लक्ष्य है कि तकनीक और प्रभावी पुलिसिंग के मेल से अपराधों में कमी लाई जाए और आम जनता को त्वरित न्याय प्रदान किया जाए। बरामद मोबाइलों को उनके वास्तविक मालिकों को सौंपने का यह कार्यक्रम पुलिस और जनता के बीच के संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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