भोपाल में बनेगा नया प्रशासनिक कॉरिडोर: ओल्ड सेक्रेटिएट से 10 अगस्त तक शिफ्ट होंगे सभी दफ्तर
Bhopal Old Secretariat office shifting news and new composite administrative hub project details. भोपाल के कोहेफिजा स्थित ओल्ड सेक्रेटिएट में नया प्रशासनिक कॉरिडोर बनेगा। जिसमें कलेक्टोरेट, कमिश्नर और आईजी कार्यालय होंगे।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

भोपाल के कोहेफिजा स्थित ओल्ड सेक्रेटिएट परिसर में अब एक नया प्रशासनिक कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के तहत कलेक्टोरेट, संभागायुक्त और आईजी कार्यालय को एक ही आधुनिक परिसर में एकीकृत किया जाएगा। इस बदलाव की प्रक्रिया को गति देते हुए प्रशासन ने कार्यालयों को शिफ्ट करने की समय-सीमा तय कर दी है।
10 अगस्त तक खाली करने के निर्देश
कमिश्नर कर्मवीर शर्मा ने हाल ही में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में ओल्ड सेक्रेटिएट परिसर में संचालित सभी शासकीय कार्यालयों को 10 अगस्त तक अन्यत्र शिफ्ट करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। वर्तमान में इस परिसर में कलेक्ट्रेट का अभिलेखागार, अधिवक्ता हॉल, न्यायालय, पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय और सायबर सेल जैसे महत्वपूर्ण विभाग कार्यरत हैं। इसके अलावा, हुजूर और बैरागढ़ तहसील कार्यालयों को भी जल्द से जल्द नए भवनों में स्थानांतरित करने को कहा गया है। महिला एवं बाल विकास, कृषि, श्रम और अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग जैसे कई कार्यालय पहले ही यहां से शिफ्ट किए जा चुके हैं।
इस प्रोजेक्ट के लिए हाउसिंग बोर्ड ने आधिकारिक टेंडर जारी कर दिया है। इसके साथ ही प्रोफेसर कॉलोनी में प्रस्तावित पुराने प्रशासनिक प्रस्ताव को अब समाप्त कर दिया गया है। नया कंपोजिट एडमिनिस्ट्रेटिव हब राज्य सरकार की री-डेंसिफिकेशन नीति के तहत तैयार किया जाएगा, जिससे सरकारी खजाने पर अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा।
217 करोड़ का प्रोजेक्ट और आधुनिक सुविधाएं
इस पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 217.96 करोड़ रुपए आंकी गई है। निर्माण कार्य के बदले में डेवलपर को ओल्ड सेक्रेटिएट परिसर की 3.36 हेक्टेयर जमीन मालिकाना हक के साथ दी जाएगी। इस जमीन का उपयोग मिक्स लैंड यूज के तहत किया जाएगा, जहां भविष्य में कमर्शियल और रेसीडेंशियल हाईराइज इमारतें बनाई जा सकेंगी। दी जाने वाली इस जमीन की बाजार कीमत लगभग 256.92 करोड़ रुपए बताई जा रही है।
प्रस्तावित प्रशासनिक हब में जी+7 मंजिला कंपोजिट ऑफिस बिल्डिंग का निर्माण होगा। इसके साथ ही 80 ईसीएस क्षमता वाली जी+2 मल्टीलेवल पार्किंग भी बनाई जाएगी। परिसर को आधुनिक बनाने के लिए यहां संप वेल, बिजली सब-स्टेशन और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट जैसी बुनियादी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन के लिए नई कार्ययोजना
कार्यालय शिफ्टिंग के साथ ही कमिश्नर ने भोपाल विकास प्राधिकरण (BDA) की बैठक में भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन (BMR) के विकास पर भी चर्चा की। उन्होंने भोपाल को आर्थिक विकास का मॉडल बनाने पर जोर दिया है। इस योजना में नॉलेज सिटी, एआई सिटी, औद्योगिक क्लस्टर और लॉजिस्टिक हब के साथ-साथ पर्यटन एवं कृषि आधारित उद्योगों को प्राथमिकता दी गई है।
बीएमआर प्लान के तहत डेमोग्राफी, मोबिलिटी, ट्रांसपोर्टेशन और फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे विषयों पर विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है। कमिश्नर ने निर्देश दिए हैं कि सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन किया जाए ताकि इस विजन को धरातल पर प्रभावी ढंग से उतारा जा सके। इसके अलावा, मिसरोद फेस-1 और आईएसवीटी जैसे लंबित प्रोजेक्ट्स में भी तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
