भिवानी में प्रशासन का सख्त एक्शन: लोहारू बाईपास पर 2.75 एकड़ में बनी अवैध कॉलोनी ध्वस्त
Bhiwani administration razes illegal colony on Loharu Bypass. जिला नगर योजनाकार विभाग की टीम ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट, सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी अनुराग सांगवान तथा थाना औद्योगिक क्षेत्र पुलिस के सहयोग से भिवानी-लोहारू बाईपास पर त्रिवेणी रोड़ स्थित एक अवैध कॉलोनी पर बुलडोजर चलाकर निर्माणों को ध्वस्त किया। जिला नगर योजनाकार जयदीप ने बताया कि अवैध निर्माण अभियान की कार्रवाई के दौरान लगभग 2.75 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी में 24 डीपीसी, 5 चारदीवारी

मोहम्मद नवेद
एडिटर

अवैध निर्माणों पर चला प्रशासन का बुलडोजर
भिवानी जिला प्रशासन ने अवैध कॉलोनियों के खिलाफ अपनी मुहिम को तेज करते हुए लोहारू बाईपास के समीप एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। त्रिवेणी रोड पर विकसित की जा रही एक अवैध कॉलोनी को चिन्हित कर प्रशासन ने वहां किए गए सभी अनाधिकृत निर्माणों को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल की तैनाती रही ताकि किसी भी प्रकार के विरोध को नियंत्रित किया जा सके।
जिला नगर योजनाकार विभाग के नेतृत्व में यह अभियान चलाया गया। इस दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी अनुराग सांगवान मौजूद रहे। औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस की मदद से विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध रूप से किए गए निर्माणों को जमींदोज कर दिया। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से अवैध कॉलोनाइजरों में हड़कंप मच गया है।
2.75 एकड़ भूमि पर था अवैध कब्जा
जिला नगर योजनाकार जयदीप ने जानकारी देते हुए बताया कि यह अवैध कॉलोनी लगभग 2.75 एकड़ के बड़े भू-भाग पर विकसित की जा रही थी। विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि बिना किसी सरकारी अनुमति और नियमों को ताक पर रखकर यहां निर्माण कार्य किया जा रहा है। जांच के बाद विभाग ने इसे अवैध घोषित करते हुए ध्वस्तीकरण की योजना बनाई।
कार्रवाई के दौरान टीम ने मौके पर मौजूद 24 डीपीसी (डैम्प प्रूफ कोर्स), 5 चारदीवारी और दो पक्के निर्माणों को बुलडोजर की मदद से पूरी तरह नष्ट कर दिया। विभाग का कहना है कि यह जमीन कृषि योग्य थी जिसे बिना भू-उपयोग परिवर्तन (CLU) कराए कॉलोनी के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा था।
आमजन के लिए प्रशासन की चेतावनी
जिला नगर योजनाकार ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रॉपर्टी को खरीदने से पहले पूरी सावधानी बरतें। उन्होंने कहा कि लोग अक्सर बिना दस्तावेजों की जांच किए अवैध कॉलोनियों में निवेश कर देते हैं, जिससे बाद में उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। किसी भी प्लॉट या मकान को खरीदने से पहले संबंधित विभाग से उसकी वैधता और स्वीकृतियों की जांच अवश्य कर लेनी चाहिए।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहरी और नियंत्रित क्षेत्रों के साथ-साथ अधिसूचित सड़कों की हरित पट्टी में किसी भी प्रकार का निर्माण करने से पहले संबंधित विभाग से अनुमति लेना अनिवार्य है। बिना अनुमति के किए गए निर्माणों के खिलाफ भविष्य में भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
आगे की रणनीति
भिवानी प्रशासन अब उन कॉलोनाइजरों की सूची तैयार कर रहा है जो नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। विभाग का मुख्य उद्देश्य अवैध कॉलोनियों के जाल को रोकना है ताकि शहर का सुनियोजित विकास हो सके। आने वाले दिनों में जिले के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह के अभियान चलाए जाने की संभावना है, जिससे अवैध निर्माण करने वालों पर नकेल कसी जा सके।
इस पूरी कार्रवाई के दौरान औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था संभाली। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से भी आग्रह किया है कि यदि उनके आसपास कहीं भी अवैध निर्माण या कॉलोनी विकसित होती दिखाई दे, तो वे इसकी सूचना तुरंत विभाग को दें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
