भिंड में मूसलाधार बारिश का कहर: कलेक्ट्रेट और एसपी दफ्तर समेत कई इलाके जलमग्न
Bhind heavy rainfall causes severe waterlogging in Collectorate, SP office and residential colonies. कलेक्ट्रेट परिसर, एसपी कार्यालय, जिला अस्पताल, बिजली विभाग के सब-स्टेशन और कई सरकारी कार्यालयों में पानी भर गया। निचले इलाकों में लोगों के घरों तक बारिश का पानी पहुंच गया है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मध्य प्रदेश के भिंड जिले में पिछले 48 घंटों से हो रही लगातार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। जिले में इस दौरान औसतन 83.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जिसके चलते शहर के प्रमुख सरकारी कार्यालयों और रिहायशी इलाकों में पानी भर गया है। जलभराव की स्थिति इतनी गंभीर है कि कलेक्ट्रेट और एसपी कार्यालय जैसे संवेदनशील परिसरों में भी पानी घुस गया है।
सरकारी दफ्तरों और अस्पतालों में भरा पानी
बारिश के कारण केवल सड़कें ही नहीं, बल्कि जिला अस्पताल और बिजली विभाग के सब-स्टेशन भी जलमग्न हो गए हैं। बिजली सब-स्टेशनों में पानी भरने के कारण शहर के कई हिस्सों में विद्युत आपूर्ति बाधित रही, जिससे आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सरकारी दफ्तरों में पानी घुसने से कामकाज पर भी असर पड़ा है और कर्मचारियों को आवाजाही में काफी परेशानी हो रही है।
शहर के निचले इलाकों जैसे राजहोली, मीरा कॉलोनी, अंबेडकर नगर, भीमनगर, बीटीआई, स्वतंत्र नगर, अटेर रोड, नवादा, शास्त्री कॉलोनी और राजपूत नगर में स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक बनी हुई है। इन क्षेत्रों में सड़कों पर दो से ढाई फीट तक पानी जमा हो गया है, जिससे वाहनों का निकलना दूभर हो गया है।
नालियों की सफाई पर उठे सवाल
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि जलभराव की यह समस्या प्रशासन की लापरवाही का परिणाम है। लोगों का कहना है कि मानसून से पहले नालों और नालियों की समय पर सफाई नहीं की गई, जिसके कारण जल निकासी की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। सड़कों पर पानी जमा होने के कारण गड्ढे दिखाई नहीं दे रहे हैं, जिससे आए दिन लोग गिरकर घायल हो रहे हैं।
राजहोली निवासी मयंक दीक्षित ने बताया कि हर साल बारिश के दौरान उनके मोहल्ले में यही स्थिति बनती है। पानी घरों के अंदर तक घुस जाता है और बाहर खड़े वाहनों को भी नुकसान पहुंचता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल निकासी के लिए कोई स्थायी समाधान निकाला जाए ताकि उन्हें हर साल इस मुसीबत से न जूझना पड़े।
मौसम का मिजाज और आगे की स्थिति
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, भिंड में पिछले दो दिनों में हुई 83.2 मिमी बारिश ने पिछले कई रिकॉर्ड प्रभावित किए हैं। फिलहाल जिले में रिमझिम बारिश का दौर जारी है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में बारिश की तीव्रता इसी तरह बनी रही, तो निचले इलाकों में जलभराव की समस्या और अधिक विकराल रूप ले सकती है।
प्रशासन ने फिलहाल प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, अभी तक जल निकासी के लिए कोई बड़ा कदम नहीं उठाया गया है, जिससे आम जनता में रोष व्याप्त है। लोग अब जल्द से जल्द सड़कों से पानी निकालने और जलभराव वाले स्थानों पर सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग कर रहे हैं।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
