भीलवाड़ा में चोरी का खुलासा: मां-बेटे समेत तीन गिरफ्तार, दिन में रेकी कर रात को बनाते थे निशाना
Bhilwara theft gang busted mother son arrested for house burglary incidents. भीलवाड़ा की भीमगंज थाना पुलिस ने चोरी और नकबजनी की वारदात का खुलासा करते हुए। मां-बेटे और एक युवक को गिरफ्तार किया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में भीमगंज थाना पुलिस ने चोरी और नकबजनी की वारदातों का पर्दाफाश करते हुए एक सक्रिय गिरोह को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह में एक मां और उसका बेटा भी शामिल हैं, जो सुनियोजित तरीके से घरों को निशाना बनाते थे। पुलिस ने इस मामले में कुल तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए हैं।
उज्जैन यात्रा के दौरान हुई थी वारदात
इस मामले की शुरुआत 29 जून को बालमुकुंद छीपा द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत से हुई। पीड़ित ने बताया कि वह 26 जून को अपने परिवार के साथ उज्जैन की यात्रा पर गए थे। इसी बीच, 27 जून की रात करीब 12:30 बजे अज्ञात चोरों ने उनके सूने घर का ताला तोड़कर नकदी और सोने-चांदी के आभूषणों पर हाथ साफ कर दिया। पड़ोसियों से घटना की जानकारी मिलने पर उन्होंने पुलिस को सूचित किया।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम का गठन किया। जांच के दौरान घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। पुलिस ने संदिग्ध नंबरों की सीडीआर (CDR) निकाली और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उन लोगों की पहचान की, जो बिना नंबर की बाइक पर मुंह ढंककर घूम रहे थे।
दिन में रेकी और रात में चोरी का खेल
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी बेहद शातिर तरीके से काम करते थे। वे दिन के समय उन मकानों की रेकी करते थे, जिन पर ताले लगे होते थे। इसके बाद रात के अंधेरे में वे उन घरों को निशाना बनाते थे। गिरफ्तार आरोपियों में मोहसिन उर्फ टिंचू, मोहम्मद साहिल उर्फ टूटीया और उसकी मां सलमा बानो शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, सलमा बानो चोरी किए गए गहनों को ठिकाने लगाने और बेचने में अपने बेटे की मदद करती थी।
आरोपी मोहम्मद साहिल गिरफ्तारी से बचने के लिए मुंबई भागने की फिराक में था, लेकिन अजमेर डीएसटी की मदद से पुलिस ने उसे अजमेर से दबोच लिया। आरोपियों ने पूछताछ में भीमगंज और मांडलगढ़ थाना क्षेत्रों में चोरी की दो-दो वारदातों को अंजाम देने की बात कबूल की है। मोहसिन के खिलाफ पहले से ही भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और मांडलगढ़ में 10 मामले दर्ज हैं, जबकि साहिल का भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है।
पुलिस टीम की सक्रियता
इस गिरोह को पकड़ने वाली पुलिस टीम में भीमगंज थाना प्रभारी सुनील चौधरी, आरपीएफ अजमेर थाना प्रभारी राजेंद्र चौधरी, एसआई राजकुमार मीणा, हेड कांस्टेबल भंवरलाल और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। टीम की तत्परता के कारण ही आरोपियों को समय रहते गिरफ्तार किया जा सका और चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाने में सफलता मिली।
पुलिस अब आरोपियों से बरामदगी के प्रयास कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उन्होंने और कितनी वारदातों को अंजाम दिया है। इस गिरफ्तारी से क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि पिछले कुछ समय से लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से स्थानीय निवासी काफी परेशान थे।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
