भवानीमंडी चाकूबाजी मामला: कोर्ट ने तीन दोषियों को सुनाई 5-5 साल की सजा
Bhavanimandi Dag stabbing incident court verdict news update. भवानीमंडी अपर जिला एवं सेशन कोर्ट ने चाकूबाजी के एक मामले में शुक्रवार को फैसला सुनाया है। न्यायाधीश राजीव दत्तात्रेय ने डग थाना क्षेत्र में हुए हमले के तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

राजस्थान के भवानीमंडी स्थित अपर जिला एवं सेशन कोर्ट ने चाकूबाजी के एक गंभीर मामले में अपना फैसला सुनाते हुए तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है। न्यायाधीश राजीव दत्तात्रेय ने मामले की सुनवाई पूरी करते हुए तीनों दोषियों को पांच-पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला डग थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां आरोपियों ने एक युवक पर जानलेवा हमला किया था।
क्या था पूरा मामला?
घटना 7 अक्टूबर 2025 की है। डग के टोडी मोहल्ला निवासी सुनील शर्मा अपने एक मित्र के साथ बस स्टैंड से पैदल अपने घर की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान नूरानी मस्जिद के पास पहले से घात लगाए बैठे तीन लोगों ने उन्हें घेर लिया। आरोपियों ने पहले सुनील के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और फिर मारपीट शुरू कर दी। विवाद के दौरान आरोपी ताहिर खान ने सुनील के पेट में चाकू घोंप दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
हमले के बाद घायल सुनील को तुरंत डग के स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। वहां उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें झालावाड़ के एसआरजी अस्पताल रेफर कर दिया। इस घटना के बाद क्षेत्र में काफी तनाव फैल गया था और पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की थी।
अदालत की सख्त टिप्पणी और सजा
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक हेमराज शर्मा ने पैरवी की। उन्होंने अदालत के समक्ष घटना से जुड़े पुख्ता साक्ष्य और गवाह पेश किए। न्यायाधीश राजीव दत्तात्रेय ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध तमाम सबूतों का बारीकी से विश्लेषण किया। अदालत ने पाया कि आरोपी ताहिर खान, साहिल खान उर्फ भूरू और सोहेल खान, जो सभी मेहंदीपुरा मोहल्ला के निवासी हैं, इस अपराध में सीधे तौर पर शामिल थे।
अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी मानते हुए उन्हें पांच-पांच साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोषियों को सजा सुनाए जाने के बाद उन्हें पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
कानूनी प्रक्रिया और न्याय की जीत
इस मामले में पुलिस ने घटना के तुरंत बाद प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। साक्ष्यों के आधार पर चार्जशीट दाखिल की गई थी। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में त्वरित सुनवाई और सजा से अपराधियों में कानून का डर बना रहता है। पीड़ित सुनील शर्मा और उनके परिवार ने अदालत के इस फैसले पर संतोष व्यक्त किया है।
डग थाना पुलिस ने इस मामले में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की, जिसके चलते अभियोजन पक्ष अदालत में आरोपियों के खिलाफ अपना पक्ष मजबूती से रख सका। इस मामले ने स्थानीय स्तर पर काफी चर्चा बटोरी थी, क्योंकि हमला सरेआम सार्वजनिक स्थान पर किया गया था। अब अदालत के फैसले के बाद इस मामले का पटाक्षेप हो गया है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
