बाड़मेर में भारत-पाक सीमा के पास एमडी ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़, एक करोड़ का माल और नकदी बरामद
Barmer border MD drug factory raid police seize narcotics and cash. बाड़मेर में इंडो-पाक बॉर्डर के पास एमडी फैक्ट्री को पकड़ा है। एमडी घर पर तैयार की जा रही थी।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

सीमावर्ती इलाके में चल रहा था अवैध कारोबार
राजस्थान के बाड़मेर जिले में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए पुलिस ने अवैध मादक पदार्थ 'एमडी' बनाने वाली एक फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। यह फैक्ट्री सीमा से करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित गौड़ा गांव में एक रिहायशी मकान के भीतर संचालित की जा रही थी। पुलिस की इस छापेमारी में भारी मात्रा में नशीले पदार्थ और नकदी बरामद हुई है।
पुलिस अधीक्षक चूनाराम जाट के अनुसार, सेड़वा थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि गौड़ा गांव निवासी मुकेश कुमार के घर पर अवैध रूप से मादक पदार्थों का निर्माण किया जा रहा है। सूचना की पुष्टि के बाद सेड़वा थानाधिकारी प्रभुराम के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई और आरोपी के घर पर दबिश दी गई। छापेमारी के दौरान घर के पिछले कमरों और छत पर एमडी बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण और कच्चा माल पाया गया।
करोड़ों की बरामदगी और महिला गिरफ्तार
पुलिस की प्रारंभिक जांच में बरामद किए गए मादक पदार्थों और अन्य सामग्री की कुल कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। पुलिस ने मौके से 920 ग्राम तैयार एमडी ड्रग, 40 किलोग्राम विभिन्न प्रकार के रसायन और पाउडर, तथा ड्रग बनाने में इस्तेमाल होने वाली मशीनरी जब्त की है। इसके अलावा, घर की तलाशी के दौरान मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त से अर्जित 24 लाख रुपये से अधिक की नकदी भी बरामद की गई है।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से आरोपी मुकेश कुमार की पत्नी अंजु को गिरफ्तार किया है। हालांकि, मुख्य आरोपी मुकेश कुमार पुलिस के आने की भनक लगते ही मौके से फरार होने में सफल रहा। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और फरार आरोपी की तलाश के लिए दबिश दी जा रही है।
एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य
घटनास्थल की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम को मौके पर बुलाया गया। एफएसएल विशेषज्ञों ने घर के भीतर से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं ताकि कोर्ट में मामले को मजबूती से रखा जा सके। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस अवैध फैक्ट्री का नेटवर्क कितना बड़ा है और तैयार माल की सप्लाई किन-किन क्षेत्रों में की जा रही थी।
स्थानीय पुलिस अब गिरफ्तार महिला से पूछताछ कर रही है ताकि फरार आरोपी मुकेश के ठिकानों और इस अवैध कारोबार में शामिल अन्य सहयोगियों के बारे में जानकारी मिल सके। सीमावर्ती क्षेत्र में इस तरह की फैक्ट्री का मिलना सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी चिंता का विषय है, जिसके चलते पुलिस अब इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। क्षेत्र में मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा और इसमें शामिल हर व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
