बांका: रजौन में बीस सूत्री समिति की बैठक में उठा पीएम आवास और भूमि सर्वेक्षण का मुद्दा
Banka Rajaun 20 Sutri Committee meeting reviews development, government schemes and PM Awas updates. बांका जिले के रजौन प्रखंड कार्यालय सभागार में बुधवार को बीस सूत्री कार्यान्वयन समिति की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष राघवेंद्र सिंह ने की।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

रजौन प्रखंड कार्यालय में विकास कार्यों की समीक्षा
बांका जिले के रजौन प्रखंड कार्यालय के सभागार में बुधवार को बीस सूत्री कार्यान्वयन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। समिति के अध्यक्ष राघवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में क्षेत्र के विकास कार्यों, जनसमस्याओं और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की गई। बैठक में प्रखंड विकास पदाधिकारी अंतिमा कुमारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
बैठक के दौरान बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, राजस्व और आंगनबाड़ी जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों से संबंधित कार्यों का ब्यौरा दिया, जबकि जनप्रतिनिधियों ने जमीनी स्तर पर आ रही चुनौतियों को प्रमुखता से उठाया। विशेष रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना में पारदर्शिता और विशेष भूमि सर्वेक्षण में कथित अनियमितताओं का मुद्दा चर्चा का केंद्र रहा।
जनहित में 11 सूत्री मांगों का रखा गया प्रस्ताव
भाजपा मंडल अध्यक्ष नितेश कुमार ने बैठक में जनहित से जुड़ी 11 सूत्री मांगें रखीं। उन्होंने पंचायत सरकार भवनों में आरपीएस कर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों की पंचायतवार सूची सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि विशेष भूमि सर्वेक्षण के दौरान बिचौलियों की मिलीभगत से सरकारी जमीन को निजी नाम से दर्ज करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
इसके अलावा, पुनसिया साप्ताहिक हाट में साफ-सफाई, कचरा प्रबंधन और खुले में मांस-मछली की बिक्री पर नियंत्रण की मांग भी उठाई गई। नल-जल योजना से वंचित परिवारों को लाभ दिलाने और जल निकासी की समस्या को दूर करने के लिए नालियों की सफाई पर भी जोर दिया गया। जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न वार्डों में बुनियादी सुविधाओं के अभाव पर चिंता व्यक्त की।
आंगनबाड़ी और बुनियादी सुविधाओं की कमी पर चर्चा
बैठक में विभिन्न पंचायतों की समस्याओं को भी विस्तार से रखा गया। बनगांव पंचायत के वार्ड 1 और 5 में आंगनबाड़ी केंद्र और सेविका की अनुपलब्धता का मुद्दा उठाया गया, जिसके कारण बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मोरामा बनगांव और सिंहनान पंचायत के वार्डों में भी आंगनबाड़ी केंद्र नहीं होने की बात सामने आई। सकहारा में एनओसी मिलने के बावजूद भवन निर्माण न होने पर भी सवाल उठाए गए।
पुनसिया के ग्रामीणों ने मतदान केंद्र की दूरी को लेकर अपनी समस्या रखी, जिसके कारण उन्हें लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। इन सभी समस्याओं को लेकर जनप्रतिनिधियों ने संबंधित अधिकारियों से त्वरित कार्रवाई की मांग की, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
केवाईसी प्रक्रिया में दी गई राहत
बैठक के दौरान भारतीय स्टेट बैंक के प्रबंधक ने ग्राहकों के लिए एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब बैंक ग्राहकों को केवाईसी अपडेट करने के लिए शाखा के चक्कर नहीं लगाने होंगे। आधार कार्ड के माध्यम से नजदीकी सीएसपी केंद्रों पर भी केवाईसी की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है, जिससे लोगों को काफी सहूलियत होगी।
बैठक के अंत में उपस्थित अधिकारियों ने सभी शिकायतों और मांगों को गंभीरता से लेते हुए उनके समाधान का आश्वासन दिया। समिति के अध्यक्ष ने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भविष्य में इन कार्यों की निगरानी और सख्त की जाएगी।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
