बहराइच: घाघरा नदी में हाथ धोते समय 12 साल के बच्चे को मगरमच्छ ने बनाया शिकार
Bahraich Ghaghara river crocodile attack tragedy 12 year old boy killed. बहराइच जिले के बौंडी थाना क्षेत्र में घाघरा नदी किनारे एक दर्दनाक हादसे में मगरमच्छ ने 12 वर्षीय बालक को अपना शिकार बना लिया। गुरुवार शाम खेत से लौटते समय हाथ-मुंह धोने के लिए नदी किनारे पहुंचे मासूम पर मगरमच्छ ने अचानक हमला कर उसे पानी में खींच लिया।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां घाघरा नदी के किनारे एक 12 वर्षीय बालक को मगरमच्छ ने अपना निवाला बना लिया। यह दर्दनाक हादसा जिले के बौंडी थाना क्षेत्र में हुआ, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। मासूम की मौत के बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
खेत से लौटते समय हुआ हादसा
मिली जानकारी के अनुसार, मृतक बालक सुनील अपने चाचा विजय राज सिंह के साथ गुरुवार दोपहर को धान की रोपाई के लिए खेत पर गया था। करीब तीन-चार घंटे तक कड़ी मेहनत करने के बाद, शाम के समय जब वे वापस लौट रहे थे, तो दोनों हाथ-पैर धोने के लिए घाघरा नदी के किनारे रुके। इसी दौरान नदी के भीतर से अचानक एक विशाल मगरमच्छ निकला और उसने सुनील पर हमला कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मगरमच्छ ने बच्चे को अपने जबड़े में दबोच लिया और उसे पानी के भीतर खींचने लगा। सुनील ने खुद को बचाने के लिए काफी संघर्ष किया और हाथ-पैर चलाए, लेकिन मगरमच्छ की पकड़ इतनी मजबूत थी कि वह उसे गहरे पानी में ले गया। इस दौरान बच्चे के चाचा ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को मदद के लिए बुलाया।
ग्रामीणों की कोशिशें रही नाकाम
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने ईंट-पत्थर फेंककर और बांस के डंडों की मदद से मगरमच्छ को भगाने और बच्चे को छुड़ाने की पुरजोर कोशिश की। हालांकि, मगरमच्छ ने बच्चे को नहीं छोड़ा और उसे बार-बार पानी में उछालकर गहरे जलक्षेत्र में खींच ले गया। देखते ही देखते बच्चा पानी की गहराइयों में ओझल हो गया।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद ग्रामीणों ने मिलकर करीब पांच घंटे तक नदी में तलाशी अभियान चलाया। रात करीब 10 बजे बच्चे का शव बरामद किया जा सका। वन रेंजर साकिब अंसारी ने बताया कि मगरमच्छ के हमले में बच्चे के शरीर के निचले हिस्से को गंभीर चोटें आई थीं।
अनाथ था मासूम, प्रशासन ने की मुआवजे की घोषणा
इस हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। सुनील के माता-पिता का निधन पहले ही हो चुका था। वह कक्षा 6 का छात्र था और अपने भाई-बहनों के साथ रह रहा था। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। थाना प्रभारी टीएन मौर्या ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
एसडीएम प्रकाश सिंह ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए बताया कि पीड़ित परिवार को सरकारी नियमों के तहत 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। प्रशासन ने ग्रामीणों को नदी के किनारे जाते समय सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि इस क्षेत्र में मगरमच्छों की मौजूदगी अक्सर देखी जाती है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
