कानपुर की गोविंदनगर सीट पर आजाद समाज पार्टी का दांव, मास्टर तुलसी राम को बनाया उम्मीदवार
Azad Samaj Party Kanpur Govindnagar election candidate list 2026 update. आजाद समाज पार्टी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर शुक्रवार को 45 सीटों पर प्रभारियों और प्रत्याशियों के नाम घोषित किए। कानपुर की गोविंदनगर विधानसभा सीट से पार्टी ने मास्टर तुलसी राम बाल्मीकी को प्रत्याशी बनाया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

आजाद समाज पार्टी ने जारी की 45 उम्मीदवारों की सूची
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच आजाद समाज पार्टी ने अपने उम्मीदवारों की पहली बड़ी सूची जारी कर दी है। पार्टी ने शुक्रवार को कुल 45 सीटों के लिए अपने प्रभारियों और प्रत्याशियों के नामों का ऐलान किया है। इस सूची में कानपुर की महत्वपूर्ण गोविंदनगर विधानसभा सीट पर मास्टर तुलसी राम बाल्मीकि को चुनावी मैदान में उतारने का निर्णय लिया गया है।
पार्टी के स्थानीय नेताओं का मानना है कि गोविंदनगर सीट पर इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प होगा। नेताओं ने दावा किया है कि इस क्षेत्र में उनकी पार्टी की सीधी टक्कर भारतीय जनता पार्टी से होगी। मास्टर तुलसी राम को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया और क्षेत्र में सक्रियता बढ़ा दी है।
तीन दशक का सामाजिक और राजनीतिक अनुभव
मास्टर तुलसी राम बाल्मीकि का राजनीतिक सफर काफी लंबा रहा है। वे पिछले करीब 30 वर्षों से सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वर्ष 2025 में आजाद समाज पार्टी में शामिल होने के बाद, वे वर्तमान में पार्टी के प्रदेश महासचिव के पद पर कार्यरत हैं। इससे पहले वे बामसेफ और बहुजन मुक्ति मोर्चा जैसे संगठनों के साथ जुड़कर विभिन्न जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।
अपनी उम्मीदवारी पर बात करते हुए तुलसी राम ने बताया कि वे गोविंदनगर विधानसभा क्षेत्र की 60 से अधिक मलिन बस्तियों में लंबे समय से जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि दलित, ओबीसी और मुस्लिम समाज के लोगों का उन्हें भरपूर समर्थन मिल रहा है, जिससे पार्टी की स्थिति इस सीट पर काफी मजबूत दिखाई दे रही है।
सामाजिक भागीदारी और पीडीए पर राजनीतिक बयानबाजी
उम्मीदवार घोषित होने के बाद तुलसी राम ने अन्य राजनीतिक दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने बिना किसी दल का नाम लिए कहा कि जो लोग पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की बात करते हैं, उनका यह दावा जमीन पर कहीं नजर नहीं आता। उन्होंने जोर देकर कहा कि आजाद समाज पार्टी की 45 प्रत्याशियों की सूची में दलित, ओबीसी और मुस्लिम समाज को जो प्रतिनिधित्व दिया गया है, वही वास्तविक सामाजिक भागीदारी का उदाहरण है।
भीम आर्मी के प्रदेश सचिव और आजाद समाज पार्टी के प्रचारक कौशल बाल्मीकि ने भी इस सूची का समर्थन किया है। उन्होंने बताया कि नगीना सांसद के निर्देशानुसार जारी की गई इस सूची में समाज के हर वर्ग को प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया गया है। उन्होंने दावा किया कि दलित, ओबीसी, मुस्लिम और सिख समाज को साथ लेकर चलना ही पार्टी का असली एजेंडा है, जो इस सूची में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
चुनावी समीकरण और आगे की रणनीति
गोविंदनगर सीट पर आजाद समाज पार्टी की सक्रियता ने स्थानीय चुनावी समीकरणों को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। पार्टी का मुख्य जोर उन बस्तियों पर है जहां अब तक विकास की किरणें पूरी तरह नहीं पहुंच पाई हैं। मास्टर तुलसी राम की जमीनी पकड़ और पिछले तीन दशकों का अनुभव पार्टी के लिए एक बड़ा आधार माना जा रहा है।
आने वाले दिनों में पार्टी अपने प्रचार अभियान को और तेज करने की योजना बना रही है। कार्यकर्ताओं का लक्ष्य घर-घर जाकर अपनी नीतियों को पहुंचाने और मतदाताओं को पार्टी के विजन से जोड़ने का है। अब देखना यह होगा कि क्या आजाद समाज पार्टी का यह दांव गोविंदनगर में बीजेपी के वर्चस्व को चुनौती देने में सफल हो पाता है या नहीं।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
