अयोध्या: 4 साल से जमीन पर अवैध कब्जे से परेशान महिला, 150 शिकायतों के बाद भी नहीं मिला न्याय
अयोध्या जिले के इनायतनगर थाना क्षेत्र के मुंगीशपुर गांव की रहने वाली मिथिलेश कुमारी अपनी जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर पिछले चार वर्षों से न्याय की गुहार लगा रही हैं। वर्ष 2022 से अब तक वह तहसील प्रशासन और स्थानीय थाने में लगभग 150 शिकायतें दर्ज करा चुकी हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

अयोध्या जिले के इनायतनगर थाना क्षेत्र के मुंगीशपुर गांव में एक महिला पिछले चार वर्षों से अपनी ही जमीन को वापस पाने के लिए संघर्ष कर रही है। मिथिलेश कुमारी नाम की इस पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उनकी पुश्तैनी जमीन पर गांव के ही एक व्यक्ति ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। इतने लंबे समय में उन्होंने स्थानीय प्रशासन से लेकर पुलिस तक के दरवाजे खटखटाए, लेकिन हर बार उन्हें केवल कोरे आश्वासन ही मिले हैं।
150 शिकायतों के बाद भी प्रशासन मौन
पीड़िता मिथिलेश कुमारी के अनुसार, उन्होंने वर्ष 2022 से अब तक तहसील प्रशासन और स्थानीय थाने में लगभग 150 शिकायतें दर्ज कराई हैं। बावजूद इसके, उनकी जमीन आज भी दबंगों के कब्जे में है। मिथिलेश का कहना है कि इन चार वर्षों में कई उप जिलाधिकारी (SDM) और थानाध्यक्ष बदले जा चुके हैं, लेकिन किसी ने भी इस मामले में ठोस कार्रवाई करने की जहमत नहीं उठाई। हर नए अधिकारी के पास जाने पर उन्हें केवल जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया जाता है, जो आज तक धरातल पर नहीं उतरा।
मिथिलेश कुमारी ने बताया कि उनकी भूमि गाटा संख्या 64 और 65 में दर्ज है। गांव के निवासी रामकुमार पर उन्होंने जमीन हड़पने का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि बार-बार चक्कर काटने के बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनका प्रशासनिक तंत्र से भरोसा उठता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायतों की संख्या इतनी अधिक होने के बावजूद फाइलों को केवल एक मेज से दूसरी मेज तक घुमाया जा रहा है।
नवागत एसडीएम से लगाई न्याय की गुहार
सोमवार, 20 जुलाई को मिथिलेश कुमारी ने मिल्कीपुर के नवनियुक्त उप जिलाधिकारी पवन कुमार शर्मा से मुलाकात की। उन्होंने एसडीएम को पूरे मामले की जानकारी दी और अपनी व्यथा सुनाई। मिथिलेश ने मांग की है कि उनकी जमीन को जल्द से जल्द कब्जामुक्त कराया जाए ताकि वे अपनी संपत्ति का उपयोग कर सकें। इस बार उन्हें उम्मीद है कि नए अधिकारी के आने के बाद उनकी समस्या का कोई स्थायी समाधान निकलेगा।
उप जिलाधिकारी पवन कुमार शर्मा ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पीड़िता को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि मामले की गहनता से समीक्षा की जाएगी और यदि जांच में अवैध कब्जे की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कानून के दायरे में रहकर जमीन को मुक्त कराया जाएगा।
प्रशासनिक जवाबदेही पर उठते सवाल
यह मामला स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी कई गंभीर सवाल खड़े करता है। एक ही मामले में 150 शिकायतें दर्ज होने के बाद भी चार साल तक समाधान न होना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि समय रहते शिकायतों पर ध्यान दिया गया होता, तो पीड़िता को इतने लंबे समय तक दर-दर की ठोकरें नहीं खानी पड़तीं।
अब देखना यह है कि क्या नए एसडीएम के कार्यकाल में मिथिलेश कुमारी को उनकी जमीन वापस मिल पाती है या यह मामला एक बार फिर फाइलों में दबकर रह जाएगा। फिलहाल, पीड़िता को प्रशासन के उस आश्वासन पर भरोसा है, जो उन्हें सोमवार को दिया गया है। क्षेत्र के लोग भी इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं कि क्या प्रशासन इस बार दबंगों के खिलाफ सख्त कदम उठाता है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
