अरविंद केजरीवाल का मेटा पर बड़ा आरोप: 'मोदी सरकार के दबाव में दबाई जा रही है आवाज'
मोदी सरकार के दबाव में मेटा पेपर लीक और ई-20 पेट्रोल के खिलाफ उठ रही हर आवाज को दबा रहा है। मेरी तरह ही मोदी सरकार के खिलाफ बोलने वाले बहुत सारे लोगों के अकाउंट को सीमित कर दिया गया है।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

मेटा पर केजरीवाल का गंभीर आरोप
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म मेटा और इंस्टाग्राम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। केजरीवाल का दावा है कि केंद्र सरकार के दबाव में आकर मेटा भारत में उनके इंस्टाग्राम अकाउंट को सीमित (रिस्ट्रिक्ट) कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों और फैसलों के खिलाफ उठने वाली आवाजों को दबाने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।
केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक वीडियो जारी कर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने बताया कि उन्हें मेटा की ओर से नोटिस मिला है कि उनका अकाउंट भारत में सप्रेस कर दिया गया है। जब उन्होंने इस संबंध में मेटा से स्पष्टीकरण मांगा, तो उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उनके अनुसार, मेटा के दफ्तर में फोन करने और ईमेल भेजने के बावजूद कोई यह बताने को तैयार नहीं है कि उनके अकाउंट पर यह प्रतिबंध क्यों लगाया गया है और इसे कैसे हटाया जा सकता है।
पेपर लीक और ई-20 पेट्रोल का मुद्दा
पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि यह कार्रवाई केवल उनके खिलाफ नहीं है, बल्कि उन सभी लोगों के साथ हो रही है जो मोदी सरकार की नीतियों की आलोचना कर रहे हैं। केजरीवाल ने विशेष रूप से पेपर लीक के मामलों और ई-20 पेट्रोल (एथेनॉल मिश्रित ईंधन) के खिलाफ उठ रही आवाजों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति इन मुद्दों पर सरकार से सवाल पूछता है, उसे निशाना बनाया जा रहा है।
केजरीवाल ने कहा कि उनके द्वारा यह मुद्दा उठाए जाने के बाद उन्हें कई लोगों के संदेश प्राप्त हुए हैं, जिनका कहना है कि उनके अकाउंट को भी इसी तरह से सीमित कर दिया गया है। उन्होंने इसे अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला करार दिया है और मेटा से सवाल किया है कि वह सरकार के सामने इतना झुक क्यों रहा है।
जनता से मांगी मदद
इस स्थिति को लेकर अरविंद केजरीवाल ने देश की जनता से सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के अकाउंट को इसी तरह से प्रतिबंधित या सीमित किया गया है, वे उन्हें डायरेक्ट मैसेज (DM) करें या कमेंट में जानकारी दें। केजरीवाल का कहना है कि वे इन सभी मामलों को एकजुट होकर मेटा के सामने रखेंगे ताकि कंपनी पर दबाव बनाया जा सके और वह सरकार के दबाव में आकर काम करना बंद करे।
उन्होंने मेटा को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि कंपनी इसी तरह प्रधानमंत्री के सामने झुकती रही, तो एक दिन ऐसा आएगा जब भारत में मेटा को केवल सरकार के ही अकाउंट चलाने की अनुमति मिलेगी। उन्होंने मेटा की सेवा को बेहद खराब बताते हुए कहा कि कंपनी किसी भी तरह की पारदर्शिता नहीं बरत रही है।
विवाद की पृष्ठभूमि
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सरकारी नियंत्रण और सेंसरशिप को लेकर देश में बहस तेज है। विपक्ष लगातार आरोप लगाता रहा है कि सरकारी एजेंसियों और दबाव के जरिए डिजिटल स्पेस में असहमति की आवाजों को दबाया जा रहा है। हालांकि, मेटा की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
केजरीवाल द्वारा उठाए गए इस मुद्दे ने एक बार फिर डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही और सरकारी हस्तक्षेप के बीच के संतुलन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि क्या मेटा इस मामले में कोई स्पष्टीकरण जारी करता है या आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराता है।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!