आगरा: कर्ज के बोझ से दबे सराफा कारोबारी ने रची 40 लाख की लूट की झूठी कहानी, पुलिस ने 3 घंटे में किया पर्दाफाश
आगरा के थाना खंदौली में सादाबाद के सराफा कारोबारी से 40 लाख रुपए लूट की कहानी फर्जी निकली। पुलिस ने 3 घंटे में असलियत सामने ला दी।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

तीन घंटे में खुला झूठ का जाल
आगरा के खंदौली थाना क्षेत्र में लूट की एक बड़ी वारदात की सूचना ने पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचा दिया था। सादाबाद के एक सराफा कारोबारी ने दावा किया था कि बाइक सवार बदमाशों ने उसे घेरकर 40 लाख रुपये लूट लिए हैं। हालांकि, पुलिस की त्वरित जांच और गहन पूछताछ के बाद महज तीन घंटे के भीतर ही पूरी घटना फर्जी साबित हो गई।
कारोबारी रामवीर ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया था कि वह मंगलवार दोपहर अपनी बाइक से किनारी बाजार चांदी खरीदने जा रहा था। उसने आरोप लगाया कि खंदौली के पास बाइक सवार बदमाशों ने उसे लात मारकर गिरा दिया और तमंचे के बल पर रुपयों से भरा बैग लूटकर फरार हो गए। इस सूचना के मिलते ही स्थानीय पुलिस और आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए और जांच शुरू की।
बयानों में विरोधाभास और पुलिस का शक
पुलिस को शक तब गहराया जब कारोबारी ने वारदात के दो घंटे बाद घटना की सूचना दी। डीसीपी आदित्य कुमार के नेतृत्व में पुलिस की तीन टीमों ने जब घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो कहानी में झोल नजर आने लगा। कारोबारी ने दावा किया था कि उसके पास रुपयों से भरा बैग था, लेकिन सीसीटीवी फुटेज में वह बैग कहीं नजर नहीं आया।
पुलिस की सख्ती के आगे कारोबारी का झूठ ज्यादा देर नहीं टिक सका। पूछताछ के दौरान वह बार-बार अपने बयान बदलता रहा, जिससे पुलिस का संदेह यकीन में बदल गया। अंततः उसने स्वीकार किया कि उसने लूट की यह पूरी पटकथा खुद तैयार की थी।
60 लाख का कर्ज बना वजह
जांच में खुलासा हुआ कि सराफा कारोबारी रामवीर भारी आर्थिक संकट से जूझ रहा था। उस पर कुल 60 लाख रुपये का कर्ज था, जिसे चुकाने का दबाव उस पर बना हुआ था। लूटी गई बताई गई 40 लाख की रकम में से 21 लाख रुपये उसने कर्ज के रूप में लिए थे, जबकि 19 लाख रुपये अन्य व्यापारियों के थे। कर्जदारों के दबाव से बचने के लिए उसने लूट का नाटक रचा।
पुलिस ने बताया कि जिस बैग के बारे में कारोबारी ने लूट का दावा किया था, वह भी बरामद कर लिया गया है। कारोबारी ने जिन लोगों से रुपये लिए थे, उन्हें उधारी चुकाने के बजाय उसने यह फर्जी कहानी गढ़कर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की थी।
कानूनी कार्रवाई की तैयारी
डीसीपी आदित्य कुमार ने स्पष्ट किया है कि पुलिस को गुमराह करने और झूठी सूचना देने के आरोप में सराफा कारोबारी के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी घटना की सूचना देने से पहले उसकी सत्यता सुनिश्चित करें, क्योंकि झूठी सूचना देकर पुलिस का समय बर्बाद करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
फिलहाल, पुलिस इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है। कारोबारी द्वारा रची गई इस साजिश के खुलासे के बाद स्थानीय व्यापारियों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है कि कैसे एक कारोबारी ने खुद को बचाने के लिए अपराध का रास्ता चुना।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
