यमुनानगर: बारिश के बीच ढहा 250 साल पुराना राजाजी महल, बाल-बाल बचे बुजुर्ग दंपती
बुजुर्ग दंपती बाल-बाल बचा जगाधरी की राजाजी गली में हादसा, महल की विशाल दीवार गिरने से सामने के मकान में घुसा मलबा; सीसीटीवी में कैद हुआ पूरा घटनाक्रम,

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

जगाधरी में बड़ा हादसा टला
यमुनानगर के जगाधरी स्थित राजाजी गली में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। भारी बारिश के दौरान करीब 250 साल पुराने राजाजी महल की एक विशाल दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। मलबे का बड़ा हिस्सा सामने स्थित एक रिहायशी मकान पर जा गिरा, जिससे वहां अफरातफरी मच गई। गनीमत रही कि इस घटना में कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई।
हादसे के समय मकान के अंदर एक बुजुर्ग दंपती मौजूद था, जो मलबे के कारण अंदर ही फंस गया था। आसपास के लोगों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत मौके पर पहुंचकर दंपती को सुरक्षित बाहर निकाला। हालांकि, उन्हें मामूली चोटें आई हैं, लेकिन समय रहते मदद मिलने से एक बड़ा अनर्थ होने से बच गया।
सीसीटीवी में कैद हुआ खौफनाक मंजर
इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जो दिल दहला देने वाला है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि दीवार गिरने से महज कुछ सेकंड पहले ही एक स्कूटी सवार व्यक्ति वहां से गुजरा था। उसके गुजरने के तुरंत बाद दीवार पर उगा एक पौधा नीचे गिरा और उसके कुछ ही पलों में तीन सेकंड के भीतर पूरी दीवार ढह गई।
मकान मालिक रोहित बंसल ने बताया कि वे उस समय घर पर नहीं थे और काम पर गए हुए थे। पड़ोसियों से सूचना मिलने के बाद वे तुरंत घर पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता घर के अंदर फंसे हुए थे, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकाला गया। इस घटना से पूरे परिवार में दहशत का माहौल है।
महल की जर्जर हालत पर सवाल
स्थानीय लोगों के अनुसार, राजा ज्योति प्रसाद का यह महल करीब 200 से 250 साल पुराना है। समय के साथ महल का अधिकांश हिस्सा जर्जर हो चुका है। बारिश के कारण दीवारों में नमी आने से इनके गिरने का खतरा और अधिक बढ़ गया है। महल के आसपास घनी आबादी है और गलियां काफी संकरी हैं, जिससे भविष्य में बड़े खतरे की आशंका बनी हुई है।
महल के वंशज ब्रह्मप्रकाश ने इस घटना पर दुख जताते हुए कहा कि वे प्रभावित परिवार को हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने आश्वासन दिया है कि महल के अन्य जर्जर हिस्सों की भी जांच कराई जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
प्रशासन की कार्रवाई और लोगों की मांग
घटना की सूचना मिलते ही जगाधरी सिटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने मलबे को हटवाकर रास्ता साफ करवाया और महल के मालिकों को सुरक्षा के कड़े निर्देश दिए हैं। घायलों को तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि महल के शेष जर्जर हिस्सों का तकनीकी सर्वे कराया जाए। लोगों का कहना है कि यदि इन खतरनाक हिस्सों को समय रहते सुरक्षित नहीं किया गया, तो बारिश के इस मौसम में दोबारा कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसमें जान-माल का भारी नुकसान होने की संभावना है।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!