उज्जैन में आरपीएफ की बड़ी कार्रवाई: 10 लाख की एमडी ड्रग्स के साथ राजस्थान का युवक गिरफ्तार
RPF Ujjain drug bust, 10 lakh MD drugs seized from Rajasthan youth. आरोपी युवक कोटा से ड्रग्स लेकर साउथ में सप्लाई करने जा रहा था। लेकिन उससे पहले ही उज्जैन आरपीएफ की टीम ने उसे धर दबोचा।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

उज्जैन रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की एक संयुक्त टीम ने मादक पदार्थों की तस्करी के एक बड़े मामले का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई के दौरान एक युवक को करीब 10 लाख रुपये मूल्य की एमडी ड्रग्स के साथ रंगे हाथों पकड़ा गया। आरोपी राजस्थान का निवासी बताया जा रहा है और वह इस खेप को दक्षिण भारत में खपाने की फिराक में था।
ट्रेन में सवार होकर कर रहा था तस्करी
आरपीएफ थाना प्रभारी नरेंद्र यादव के अनुसार, एनसीबी को गुप्त सूचना मिली थी कि जयपुर-मनारगुडी एक्सप्रेस के माध्यम से मादक पदार्थों की बड़ी खेप ले जाई जा रही है। इस जानकारी के आधार पर उज्जैन रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा बलों ने जाल बिछाया। जैसे ही ट्रेन स्टेशन पर पहुंची, आरपीएफ की टीम ने सघन तलाशी अभियान शुरू किया और संदिग्धों की पहचान की।
जांच के दौरान ट्रेन के एस-1 स्लीपर कोच में बैठे एक युवक पर सुरक्षाकर्मियों को संदेह हुआ। पूछताछ और तलाशी के बाद युवक के पास मौजूद पिट्ठू बैग से 80 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस ड्रग्स की कीमत करीब 10 लाख रुपये आंकी गई है। पकड़े गए आरोपी की पहचान जोधपुर निवासी राजू विश्नोई के रूप में हुई है।
दक्षिण भारत भेजने की थी योजना
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह कोटा से यह ड्रग्स लेकर निकला था। उसकी योजना पहले भोपाल पहुंचने और वहां से दूसरी ट्रेन बदलकर दक्षिण भारत जाने की थी। आरोपी का मुख्य उद्देश्य दक्षिण भारत के राज्यों में इस ड्रग्स को ऊंचे दामों पर बेचकर अवैध मुनाफा कमाना था। हालांकि, उज्जैन में आरपीएफ की मुस्तैदी ने उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया।
आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए एनसीबी इंदौर की टीम को सौंप दिया गया है। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। एनसीबी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस ड्रग्स की आपूर्ति उसे किसने की थी और इस तस्करी नेटवर्क के पीछे और कौन-कौन से लोग शामिल हैं।
आरपीएफ टीम की सतर्कता
इस सफल ऑपरेशन में आरपीएफ निरीक्षक नरेंद्र यादव के नेतृत्व में एएसआई साजिद हुसैन, हेड कांस्टेबल मुख्तियार सिंह, राजाराम यादव, कमल सिंह और आशीष मारवाल की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम ने बिना किसी देरी के ट्रेन के रुकते ही कोच की तलाशी ली, जिससे आरोपी को भागने का मौका नहीं मिला।
रेलवे स्टेशनों पर मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए आरपीएफ और एनसीबी का यह तालमेल काफी प्रभावी साबित हो रहा है। हाल के दिनों में लंबी दूरी की ट्रेनों का उपयोग तस्करी के लिए करने वाले गिरोहों पर सुरक्षा एजेंसियां लगातार नजर बनाए हुए हैं। इस मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही इस गिरोह के अन्य सदस्यों तक भी पहुंचा जा सकेगा।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
