उदयपुर में 55 लाख के हाईटेंशन बिजली तार चोरी का पर्दाफाश, तीन आरोपी गिरफ्तार
Gogunda police arrest three accused in 55 lakh high tension electricity wire theft case. उदयपुर की गोगुंदा थाना पुलिस ने 55 लाख की हाईटेंशन बिजली तार चोरी के मामले 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने 72 घंटे में दो ट्रक ड्राइवर सहित एक खलासी को गिरफ्तार कर पूरा माल बरामद किया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

राजस्थान के उदयपुर जिले में पुलिस ने हाईटेंशन बिजली के तारों की बड़ी चोरी का खुलासा करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इस घटना में करीब 55 लाख रुपये मूल्य के तार चोरी किए गए थे, जिससे क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा था। गोगुंदा थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 72 घंटे के भीतर इस पूरे मामले को सुलझा लिया है।
ट्रक के जरिए दिया गया वारदात को अंजाम
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में दो ट्रक ड्राइवर और एक खलासी शामिल हैं। आरोपियों की पहचान ईश्वर सिंह (50), छोटूलाल (42) और सुरेश कुमार (31) के रूप में हुई है। ये सभी आरोपी अलग-अलग क्षेत्रों के निवासी हैं। पुलिस ने जांच के दौरान पाया कि इन लोगों ने ट्रकों का उपयोग करके बिजली लाइन के तारों को चोरी किया और उन्हें ठिकाने लगाने की कोशिश की।
वारदात का खुलासा तब हुआ जब कलपतरू प्रोजेक्ट्स इंटरनेशनल लिमिटेड के प्रभारी संजय सिंह ने गोगुंदा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि सोरिया घाटी ओबरा कला स्थित सिरोही-ऋषभदेव ट्रांसमिशन लाइन परियोजना से 29 जुलाई 2026 की रात को अज्ञात बदमाशों ने बिजली लाइन के चार ड्रम चोरी कर लिए थे। इन तारों की अनुमानित कीमत 55.14 लाख रुपये बताई गई थी।
महाराष्ट्र तक फैला था नेटवर्क
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए पुलिस ने आरोपियों तक पहुंच बनाई। पुलिस ने एक ट्रक को महाराष्ट्र के शिरडी से बरामद किया, जबकि दूसरा ट्रक उदयपुर के इसवाल इलाके से जब्त किया गया। इन दोनों ट्रकों से चोरी किए गए 765 केवी हाईटेंशन लाइन के चारों ड्रम बरामद कर लिए गए हैं।
आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उन्हें स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि क्या इस गिरोह के पीछे कोई बड़ा मास्टरमाइंड या संगठित नेटवर्क काम कर रहा था। रिमांड के दौरान पूछताछ में अन्य संदिग्धों के नाम सामने आने की पूरी संभावना है।
बिजली परियोजना को हुआ था नुकसान
इस चोरी की घटना के कारण ट्रांसमिशन लाइन परियोजना का काम काफी समय तक प्रभावित रहा। हाईटेंशन तारों की चोरी न केवल आर्थिक नुकसान का कारण बनती है, बल्कि इससे सुरक्षा संबंधी जोखिम भी उत्पन्न होते हैं। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से कंपनी और स्थानीय प्रशासन ने राहत की सांस ली है। फिलहाल पुलिस टीम मामले से जुड़े अन्य पहलुओं को खंगालने में जुटी है।
आने वाले दिनों में पुलिस इस मामले में चार्जशीट दाखिल करेगी। इस घटना ने एक बार फिर निर्माणधीन बिजली परियोजनाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके बाद संबंधित क्षेत्रों में गश्त और निगरानी बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
