टोंक: बारिश के पानी में उतरे करंट ने ली युवक की जान, महज 3 सेकंड में थम गई सांसें
मालपुरा कस्बे में मंगलवार शाम को शहर के महावीर मार्ग में बारिश के भरे पानी में करंट उतरने से उसकी चपेट में आने से 24 वर्षीय युवक राहुल वर्मा की मौत हो गई। लोग और परिजन युवक की मौत के जिम्मेदार बिजली निगम को बता रहे है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

राजस्थान के टोंक जिले के मालपुरा कस्बे में मंगलवार शाम एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहां बारिश के पानी में फैले करंट की चपेट में आने से एक 24 वर्षीय युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान रामनगर निवासी राहुल वर्मा के रूप में हुई है। यह हादसा कस्बे के महावीर मार्ग पर उस समय हुआ जब युवक बाजार से अपने घर लौट रहा था।
महज तीन सेकंड में हुआ हादसा
घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि सड़क पर करीब आधा फीट पानी भरा हुआ था। राहुल जैसे ही बिजली के पोल के पास से गुजरा, पानी में फैले करंट ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। करंट का झटका इतना जोरदार था कि वह महज तीन सेकंड के भीतर मुंह के बल पानी में गिर गया। बिजली के प्रवाह के कारण कुछ देर तक कोई भी उसे बचाने के लिए करीब नहीं पहुंच सका।
स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से बिजली सप्लाई बंद करवाई गई, जिसके बाद युवक को पानी से बाहर निकाला गया। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे सीपीआर देने की कोशिश की, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। राहुल मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था और घर का इकलौता बेटा था।
परिजनों का फूटा गुस्सा, मुआवजे की मांग
इस घटना के बाद से मृतक के परिजनों और स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। परिजनों ने बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बारिश के दौरान बिजली के खंभों और तारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना विभाग की जिम्मेदारी थी, जिसमें भारी चूक हुई है। इसी लापरवाही के कारण राहुल को अपनी जान गंवानी पड़ी।
बुधवार सुबह से ही परिजन और स्थानीय लोग मालपुरा सरकारी अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। परिवार ने पोस्टमार्टम करवाने से साफ इनकार कर दिया है। उनकी प्रमुख मांग है कि मृतक के परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए और इस घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
प्रशासनिक स्तर पर जांच की मांग
मालपुरा थाना अधिकारी चेनाराम बेड़ा ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। फिलहाल अस्पताल के बाहर भारी भीड़ जमा है और प्रशासनिक अधिकारी परिजनों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। परिजनों का तर्क है कि राहुल परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था, जिसकी मौत के बाद अब उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
यह घटना मानसून के दौरान शहरी इलाकों में बिजली के बुनियादी ढांचे की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े करती है। बारिश के पानी में करंट उतरने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं, लेकिन सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते आम लोगों की जान जोखिम में बनी रहती है। फिलहाल, स्थानीय प्रशासन और बिजली निगम के बीच मुआवजे और कार्रवाई को लेकर गतिरोध जारी है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
