नालंदा: मैनेजर का प्रभार देने के एवज में 28 हजार घूस लेते सहकारिता पदाधिकारी गिरफ्तार
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की विशेष टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नालन्दा के करायपरसुराय प्रखंड के सहकारिता प्रसार पदाधिकारी संतोष कुमार को 28 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। बीसीओ प्रबंधक का कार्यभार सौंपने की एवज में रिश्वत की मांग कर रहा था।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

बिहार के नालंदा जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। करायपरसुराय प्रखंड में तैनात सहकारिता प्रसार पदाधिकारी (BCO) संतोष कुमार को 28 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। आरोपी अधिकारी पर आरोप है कि वह एक व्यक्ति को प्रबंधक का कार्यभार सौंपने के बदले लंबे समय से अवैध वसूली का प्रयास कर रहा था।
दो साल से टालमटोल कर रहा था अधिकारी
मामले की जानकारी के अनुसार, यह विवाद शान पंचायत से जुड़ा हुआ है। सांध गांव के निवासी अभिषेक कुमार को नियमानुसार प्रबंधक का कार्यभार सौंपा जाना था। हालांकि, बीसीओ संतोष कुमार ने इस प्रक्रिया को पूरा करने के बजाय पिछले दो वर्षों से उन्हें लगातार परेशान किया और काम को टालते रहे। पीड़ित का आरोप है कि कार्यभार सौंपने की एवज में बीसीओ ने उनसे 28 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी।
लगातार हो रही मांग और अधिकारी के रवैये से तंग आकर अभिषेक कुमार ने घूस देने के बजाय पटना स्थित निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद ब्यूरो ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गोपनीय जांच शुरू की। जांच के दौरान यह स्पष्ट हो गया कि बीसीओ द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही है, जिसके बाद टीम ने जाल बिछाने का निर्णय लिया।
निगरानी टीम ने रंगे हाथों दबोचा
शिकायत के सत्यापन के बाद निगरानी ब्यूरो ने डीएसपी रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष धावा दल का गठन किया। योजना के अनुसार, परिवादी अभिषेक कुमार ने बीसीओ संतोष कुमार को रिश्वत की राशि देने के लिए बुलाया। जैसे ही बीसीओ ने केमिकल लगे 28 हजार रुपये अपने हाथ में लिए, आसपास सादे लिबास में तैनात निगरानी टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया।
तलाशी के दौरान आरोपी अधिकारी की जेब से घूस की पूरी रकम बरामद कर ली गई। इस कार्रवाई के दौरान प्रखंड मुख्यालय में हड़कंप मच गया और अन्य सरकारी कर्मचारियों में अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। गिरफ्तारी के तुरंत बाद निगरानी की टीम आरोपी को हिरासत में लेकर पटना रवाना हो गई।
आगे की कानूनी प्रक्रिया
निगरानी ब्यूरो के अधिकारियों के अनुसार, आरोपी संतोष कुमार से प्राथमिक पूछताछ की जा रही है। इसके बाद उसे निगरानी की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। इस मामले ने एक बार फिर सरकारी दफ्तरों में व्याप्त भ्रष्टाचार की पोल खोल दी है, जहां छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी आम जनता को रिश्वत देने के लिए मजबूर किया जाता है।
इस घटना के बाद सहकारिता विभाग में भी हड़कंप की स्थिति है। विभाग के उच्च अधिकारियों द्वारा अब इस बात की भी जांच की जा सकती है कि आरोपी अधिकारी ने अपने कार्यकाल के दौरान और कितने लोगों से इस तरह की अवैध वसूली की है। फिलहाल, निगरानी ब्यूरो की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!