समस्तीपुर में शराब माफियाओं के बीच खूनी जंग: तीन दिनों में तीन तस्करों की हत्या से हड़कंप
Bihar liquor smugglers murder updates in Samastipur. Police in shock as three smugglers killed in three days. चकमहेसी में दो और विद्यापतिनगर में एक तस्कर की हत्या समस्तीपुर।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

तीन दिनों में तीन हत्याओं से दहला समस्तीपुर
बिहार के समस्तीपुर जिले में पिछले तीन दिनों के भीतर तीन शराब तस्करों की नृशंस हत्या ने पुलिस प्रशासन की नींद उड़ा दी है। चकमहेसी और विद्यापतिनगर थाना क्षेत्रों में हुई इन वारदातों ने इलाके में शराब माफियाओं के बीच चल रहे वर्चस्व की लड़ाई को उजागर कर दिया है। इन घटनाओं के बाद दरभंगा परिक्षेत्र के डीआईजी मनोज तिवारी ने समस्तीपुर पहुंचकर पुलिस अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मारे गए तीनों व्यक्ति शराब तस्करी के धंधे से जुड़े थे। इन हत्याओं के पीछे भी शराब माफियाओं के आपसी विवाद और पैसों के लेनदेन का मामला सामने आया है। डीआईजी ने जिले में शराब कारोबारियों के खिलाफ सख्त अभियान चलाने और अपराधियों की धरपकड़ के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
प्रभात चौधरी और सन्नी की गोली मारकर हत्या
पहली बड़ी वारदात 7 जुलाई की रात चकमहेसी थाना क्षेत्र के नामापुरदरियापार गांव में हुई। यहां कुख्यात शराब तस्कर प्रभात चौधरी और उसके सहयोगी सन्नी कुमार को बदमाशों ने गोलियों से भून दिया। प्रभात चौधरी का आपराधिक इतिहास काफी लंबा रहा है, जिस पर अपहरण, हत्या और शराब तस्करी के 11 मामले दर्ज थे। पुलिस ने इस मामले में मृतक के पिता के बयान पर अखिलेश राय समेत अन्य को नामजद किया है।
एसपी अरविंद्र प्रताप सिंह ने पुष्टि की है कि प्रभात चौधरी की हत्या शराब के कारोबार में वर्चस्व और पैसों के लेनदेन को लेकर हुई है। मुख्य आरोपी अखिलेश राय पर भी दरभंगा और समस्तीपुर के कई थानों में शराब तस्करी के मामले दर्ज हैं। वहीं, प्रभात के साथ मारे गए सन्नी के बारे में पुलिस का मानना है कि वह प्रभात के साथ रहने के कारण इस गैंगवार का शिकार बना।
खेत में दफनाया मिला ईशांत का शव
दूसरी घटना विद्यापतिनगर के बंगराहा गांव की है, जहां 8 जुलाई की रात ईशांत कुमार उर्फ छोटू की हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार, ईशांत का अपहरण कर उसकी हत्या की गई और शव को आरोपी नंद कुमार सिंह उर्फ आनंदी सिंह के खेत में 10 फीट नीचे गड्ढा खोदकर दफना दिया गया था। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद शव को बरामद किया।
जांच में सामने आया है कि ईशांत और आनंदी सिंह पहले एक साथ मिलकर शराब का अवैध कारोबार करते थे। बाद में दोनों के बीच किसी बात को लेकर अनबन हो गई, जिसके चलते इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया। पुलिस अब इस मामले में शामिल अन्य संदिग्धों की तलाश कर रही है।
पुलिस प्रशासन की अगली रणनीति
लगातार हो रही इन हत्याओं ने स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए हैं। डीआईजी की समीक्षा बैठक के बाद अब पुलिस ने शराब माफियाओं के खिलाफ एक विशेष रणनीति तैयार की है। जिले के सभी संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है और शराब तस्करी से जुड़े पुराने अपराधियों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
पुलिस का कहना है कि इन हत्याओं में शामिल सभी आरोपियों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शराब माफियाओं के आपसी गैंगवार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कानून का राज स्थापित करने के लिए सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
