सुपौल: मिरचईया नदी में नहाने गया युवक डूबा, 16 घंटे बाद भी एनडीआरएफ की तलाश जारी
Supaul Pratapganj Mirchaiya River youth missing search operation update. सुपौल जिले के प्रतापगंज प्रखंड की तेकूना पंचायत स्थित इमामपट्टी गांव में मिरचईया नदी में डूबने से एक युवक लापता हो गया। उसकी तलाश के लिए एनडीआरएफ की टीम नदी में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

बिहार के सुपौल जिले में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां प्रतापगंज प्रखंड के तेकूना पंचायत स्थित इमामपट्टी गांव में मिरचईया नदी में नहाने गया एक युवक गहरे पानी में डूब गया। घटना के बाद से ही युवक का कोई अता-पता नहीं चल सका है। लापता युवक की पहचान भवानीपुर दक्षिण पंचायत के वार्ड संख्या-3 निवासी शनिचर दास के रूप में हुई है, जो मुशहरु दास का पुत्र है।
नदी में नहाने के दौरान हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिचर दास रविवार की शाम को मिरचईया नदी में नहाने के लिए गया था। जब वह काफी देर तक अपने घर वापस नहीं लौटा, तो परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने उसकी तलाश शुरू की। नदी के आसपास खोजबीन करने के बावजूद जब उसका कहीं पता नहीं चला, तो ग्रामीणों ने इसकी सूचना तुरंत प्रतापगंज थाना पुलिस को दी।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से शाम तक नदी में युवक को खोजने का प्रयास किया गया। हालांकि, अंधेरा होने और नदी की गहराई अधिक होने के कारण रविवार रात तक सफलता हाथ नहीं लगी। इसके बाद सोमवार की सुबह से बचाव कार्य को फिर से तेज कर दिया गया।
एनडीआरएफ की टीम कर रही है सर्च ऑपरेशन
युवक के लापता होने की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने एनडीआरएफ (NDRF) की टीम को मौके पर बुलाया। सोमवार सुबह से ही एनडीआरएफ के जवान आधुनिक उपकरणों और नावों की मदद से नदी में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। घटना के 16 घंटे बीत जाने के बाद भी युवक का कोई सुराग नहीं मिल पाया है, जिससे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
प्रतापगंज थानाध्यक्ष रोशन कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि युवक नदी में नहाने के दौरान गहरे पानी में चला गया और डूब गया। पुलिस और बचाव दल पूरी तत्परता के साथ युवक की तलाश में जुटे हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक युवक का पता नहीं चल जाता, तब तक सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा।
गांव में पसरा मातम
इस घटना के बाद से ही इमामपट्टी और भवानीपुर गांव में शोक और चिंता का माहौल व्याप्त है। नदी के तट पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हैं और युवक के सुरक्षित मिलने की प्रार्थना कर रहे हैं। परिजनों का कहना है कि उन्हें अब भी चमत्कार की उम्मीद है, लेकिन समय बीतने के साथ उनकी चिंताएं बढ़ती जा रही हैं।
स्थानीय प्रशासन ने नदी के आसपास के इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। बरसात के मौसम में नदियों का जलस्तर और बहाव अनिश्चित हो जाता है, जिसके कारण इस तरह की घटनाएं होने का खतरा बढ़ जाता है। पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे नदी के गहरे हिस्सों में जाने से बचें और बच्चों का विशेष ध्यान रखें।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
