श्रीगंगानगर: 169 करोड़ की नशीली सामग्री को किया गया नष्ट, 101 मामलों का माल जलाकर राख
Sriganganagar police destroy 169 crore worth narcotics in cement factory. श्रीगंगानगर जिले में एनडीपीएस एक्ट के तहत जब्त करीब 169 करोड़ रुपए के मादक पदार्थों को शुक्रवार को सीमेंट फैक्टरी में जलाकर पूरी नष्ट कर दिया गया। एसपी हरी शंकर ने जानकारी देते हुए बताया कि आज उन मादक पदार्थों को जलाया गया है, जिनका कोर्ट द्वारा धारा 52ए (2) एनडीपीएस एक्ट के तहत भौतिक सत्यापन पहले ही पूरा करवाया जा चुका था।

मुश्ताक अहमद खान
Editor in chief

राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में पुलिस प्रशासन ने नशा तस्करों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जिले के विभिन्न थानों में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज 101 अलग-अलग मामलों में जब्त की गई भारी मात्रा में मादक पदार्थों को शुक्रवार को एक सीमेंट फैक्ट्री में जलाकर नष्ट कर दिया गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इन नशीले पदार्थों की अनुमानित कीमत करीब 169 करोड़ 50 लाख रुपये आंकी गई है।
कानूनी प्रक्रिया के बाद की गई कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक हरी शंकर ने इस कार्रवाई के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि जिन मादक पदार्थों को नष्ट किया गया है, उनका एनडीपीएस एक्ट की धारा 52ए (2) के तहत पहले ही भौतिक सत्यापन पूरा कर लिया गया था। अदालत से आवश्यक अनुमति और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इन प्रतिबंधित पदार्थों को सार्वजनिक रूप से नष्ट करने का निर्णय लिया गया। यह पूरी प्रक्रिया बीकानेर रेंज के आईजी ओमप्रकाश की अध्यक्षता में संपन्न हुई।
नष्ट की गई सामग्री में हेरोइन, पोस्त, गांजा और नशीली गोलियां शामिल थीं। आंकड़ों के अनुसार, इसमें 84 किलो 208 ग्राम हेरोइन, 672 किलो 642 ग्राम पोस्त, 3 किलो 92 ग्राम गांजा और 1690 नशीली गोलियां शामिल थीं। इन सभी पदार्थों को एक सीमेंट फैक्ट्री की भट्टी में डालकर पूरी तरह से जला दिया गया ताकि इनका दोबारा दुरुपयोग न हो सके।
नशे के खिलाफ पुलिस का कड़ा रुख
इस अवसर पर जिला स्तरीय समिति की अध्यक्षता करते हुए एसपी हरी शंकर ने स्पष्ट किया कि श्रीगंगानगर पुलिस नशे के अवैध कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पुलिस की ओर से लगातार चलाए जा रहे विशेष अभियानों के कारण ही इतनी बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों को जब्त करना संभव हो पाया है। यह कार्रवाई न केवल तस्करों के लिए एक चेतावनी है, बल्कि समाज में नशे के प्रसार को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।
नशीले पदार्थों के नष्टीकरण की यह प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से आयोजित की गई थी। इसमें पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ जिला प्रशासन के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे ताकि पूरी प्रक्रिया सुरक्षित और नियमानुसार संपन्न हो सके।
भविष्य की रणनीति और प्रभाव
श्रीगंगानगर में नशे की तस्करी एक गंभीर समस्या रही है, जिसे देखते हुए पुलिस प्रशासन ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस का मुख्य उद्देश्य न केवल माल की जब्ती करना है, बल्कि उन नेटवर्क को भी ध्वस्त करना है जो सीमावर्ती इलाकों में नशीले पदार्थों की सप्लाई में सक्रिय हैं।
इस कार्रवाई से स्थानीय स्तर पर नशे के खिलाफ एक सकारात्मक संदेश गया है। आम नागरिकों ने पुलिस की इस पहल की सराहना की है। पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी पकड़े गए मादक पदार्थों को इसी तरह कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए नष्ट किया जाएगा ताकि समाज को नशे के चंगुल से मुक्त कराया जा सके।

Editor in chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
