श्रीगंगानगर: बाल सुधार गृह में गार्ड की पीट-पीटकर हत्या, व्यायाम कराने से नाराज थे आरोपी

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

राजस्थान के श्रीगंगानगर स्थित राजकीय बाल संप्रेषण एवं किशोर गृह में बुधवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। कुंज विहार इलाके में स्थित इस सुधार गृह में तैनात गार्ड साहबराम की तीन युवकों ने बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। घटना के बाद से ही पूरे परिसर में हड़कंप मच गया है और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पीटी परेड के दौरान हुआ जानलेवा हमला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना बुधवार शाम की है जब सुधार गृह में पीटी परेड का आयोजन किया जा रहा था। इस दौरान वहां बंद तीन आरोपियों, पीयूष बिश्नोई (19), सुनील नायक (19) और सलमान (20) ने गार्ड साहबराम को घेर लिया। आरोपियों ने पहले गार्ड को काबू किया और फिर लकड़ी की बेंच से निकालकर एक भारी पट्टी से उनके सिर पर ताबड़तोड़ वार किए। गंभीर चोट लगने के कारण साहबराम की मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतक साहबराम पैरामिलिट्री फोर्स से सेवानिवृत्त थे और काफी अनुशासित थे। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे गार्ड द्वारा रोजाना करवाई जाने वाली पीटी और व्यायाम से काफी नाराज थे। इसी नाराजगी के चलते उन्होंने पहले से ही योजना बनाकर कमरे में रखी लकड़ी की बेंच के नट-बोल्ट खोलकर हथियार तैयार कर लिया था।
नाबालिग रहते आए थे सुधार गृह
तीनों आरोपी जब किशोर थे, तब उन्हें अलग-अलग आपराधिक मामलों में बाल सुधार गृह भेजा गया था। इनमें से पीयूष और सुनील हत्या के मामलों में सजा काट रहे हैं, जबकि सलमान नशा तस्करी के आरोप में यहां बंद है। 18 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद भी ये तीनों युवक इसी सुधार गृह में रखे गए थे, क्योंकि नियमों के तहत इन्हें 21 वर्ष की आयु तक यहीं रहने का प्रावधान है।
किशोर न्याय बोर्ड के नियमों के अनुसार, किसी भी आपराधिक वारदात में शामिल किशोरों को सुधार गृह में रखा जाता है। सजा पूरी होने या 18 वर्ष की आयु होने के बाद भी उन्हें तुरंत बड़ी जेल में स्थानांतरित नहीं किया जाता है। जब तक वे 21 वर्ष के नहीं हो जाते, तब तक उन्हें सुधार गृह में ही अन्य किशोरों के साथ रखा जाता है। यही कारण है कि बालिग होने के बावजूद ये तीनों आरोपी अभी भी इसी केंद्र में रह रहे थे।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। सीओ सिटी विष्णु खत्री ने बताया कि सुधार गृह की अधीक्षक रेणु खैरवा की शिकायत पर तीनों आरोपियों के खिलाफ पुरानी आबादी थाने में हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि सुधार गृह के भीतर इस तरह के घातक हथियार बनाने के लिए बेंच को खोलने का मौका आरोपियों को कैसे मिला।
इस घटना ने बाल सुधार गृहों की सुरक्षा और वहां मौजूद बालिग हो चुके अपराधियों के प्रबंधन पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। एक सेवानिवृत्त सुरक्षाकर्मी की इस तरह हत्या होना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है। फिलहाल पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और आरोपियों से पूछताछ जारी है ताकि घटना के पीछे के अन्य कारणों का भी पता लगाया जा सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
