सोनीपत: यूपी पुलिस की वर्दी पहनकर 12 लाख की लूट करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार
Sonipat KMP Expressway fake police robbery case update. सोनीपत पुलिस ने केएमपी (कुंडली-मानेसर-पलवल) एक्सप्रेसवे पर पुलिसकर्मी बनकर कैंटर चालक से नकदी लूटने की सनसनीखेज वारदात का खुलासा कर दिया है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

केएमपी एक्सप्रेसवे पर पुलिस बनकर दिया वारदात को अंजाम
सोनीपत पुलिस ने केएमपी (कुंडली-मानेसर-पलवल) एक्सप्रेसवे पर हुई एक बड़ी लूट की गुत्थी सुलझा ली है। इस मामले में पुलिस ने दो ऐसे आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस की वर्दी पहनकर एक कैंटर ड्राइवर को अपना शिकार बनाया था। आरोपियों ने ड्राइवर को झांसे में लेकर उससे 12 लाख रुपये की नकदी लूटी और मौके से फरार हो गए थे।
पुलिस के अनुसार, यह पूरी वारदात एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी। आरोपियों को पहले से ही इस बात की जानकारी थी कि स्क्रैप कारोबारी और उनके ड्राइवर इस मार्ग से भारी मात्रा में नकदी लेकर गुजरते हैं। इसी सूचना के आधार पर उन्होंने लूट की योजना तैयार की और उसे अंजाम दिया।
दिल्ली से लौटते समय बनाया निशाना
घटना के विवरण के अनुसार, पीड़ित अमित एक कैंटर ड्राइवर है। वह 13 जुलाई को उत्तर प्रदेश से पुरानी बैटरियों का स्क्रैप लेकर दिल्ली गया था। दिल्ली में माल की बिक्री करने के बाद, वह बिक्री की रकम लेकर वापस लौट रहा था। शाम करीब पांच बजे जब उसका वाहन केएमपी हाईवे पर कुंडली बॉर्डर के पास पहुंचा, तो दो बाइक सवार युवकों ने उसे रोक लिया।
इनमें से एक आरोपी ने उत्तर प्रदेश पुलिस की वर्दी पहनी हुई थी, जिससे ड्राइवर को उन पर संदेह नहीं हुआ। दोनों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर पहले ड्राइवर से पूछताछ की और फिर उसे बातों में उलझाकर उसके पास मौजूद 12 लाख रुपये की नकदी लूट ली। लूट के बाद, आरोपियों ने ड्राइवर को थाने में शिकायत दर्ज कराने की बात कहकर वहां से भगा दिया।
कर्ज चुकाने के लिए रची गई साजिश
एसीपी मलकीत सिंह ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर 14 जुलाई को मामला दर्ज किया गया था। जांच के लिए क्राइम यूनिट और स्पेशल यूनिट अगेंस्ट गैंगस्टर्स (SUAG) की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय इनपुट के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को धर दबोचा।
पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक पर भारी कर्ज था। इसी कर्ज को उतारने के लिए उसने लूट की यह योजना बनाई थी। आरोपियों ने अपने एक परिचित से जानकारी जुटाई थी कि इस रूट पर स्क्रैप के काम से जुड़े लोग अक्सर बड़ी रकम लेकर चलते हैं।
आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश के निवासी हैं। फिलहाल उनकी पहचान कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक सार्वजनिक नहीं की गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं और क्या वे किसी संगठित अपराधी समूह से जुड़े हैं।
आरोपियों को अदालत में पेश किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रिमांड के दौरान पूछताछ में कई अन्य अहम खुलासे होने की उम्मीद है। इस मामले ने केएमपी एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा और पुलिस की वर्दी के दुरुपयोग को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं, जिसके चलते पुलिस अब क्षेत्र में निगरानी और बढ़ा रही है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
