सीवान: एमएसएमई क्रेडिट आउटरीच कार्यक्रम में उद्यमियों को मिला 10 करोड़ का ऋण
Siwan MSME credit outreach program distributes 10 crore loan to entrepreneurs. सीवान के उद्योग विभाग परिसर में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की रीजनल ब्रांच ने एक मेगा एमएसएमई क्रेडिट आउटरीच कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छोटे-बड़े उद्यमियों को केंद्र और बिहार सरकार की उद्योग संबंधी योजनाओं, ऋण सुविधाओं और स्टार्टअप पॉलिसी की जानकारी देकर स्वरोजगार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देना था।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

सीवान जिले में स्थानीय उद्यमियों को आर्थिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से एक विशेष मेगा एमएसएमई क्रेडिट आउटरीच कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उद्योग विभाग के परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम की कमान सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की क्षेत्रीय शाखा ने संभाली। इस पहल का मुख्य लक्ष्य जिले के छोटे और बड़े उद्यमियों को केंद्र व राज्य सरकार की औद्योगिक नीतियों से जोड़ना और उन्हें सुलभ ऋण सुविधाएं उपलब्ध कराना था।
उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक प्रयास
कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन उद्योग विभाग के महाप्रबंधक विवेक कुमार, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय प्रबंधक रुद्र दत्त और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के उपनिदेशक उपेंद्र कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय निवेशक और उद्यमी उपस्थित रहे, जिन्होंने सरकारी योजनाओं के लाभ और ऋण प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
महाप्रबंधक विवेक कुमार ने उपस्थित उद्यमियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं की सही जानकारी ही किसी भी व्यवसाय की सफलता की पहली सीढ़ी है। उन्होंने बिहार सरकार की स्टार्टअप पॉलिसी और एमएसएमई क्षेत्र के लिए उपलब्ध वित्तीय सहायता के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने जोर देकर कहा कि उद्यमियों को न केवल ऋण के बारे में जानना चाहिए, बल्कि अपने व्यवसाय के विस्तार के लिए उपलब्ध सभी सरकारी प्रोत्साहनों का लाभ उठाना चाहिए।
10 करोड़ रुपये की ऋण राशि का वितरण
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय प्रबंधक रुद्र दत्त ने बताया कि बैंक पूरे देश में एमएसएमई सेक्टर को मजबूत करने के लिए क्रेडिट आउटरीच अभियान चला रहा है। इसी कड़ी में सीवान में आयोजित इस शिविर के माध्यम से पात्र उद्यमियों को कुल 10 करोड़ रुपये की ऋण राशि वितरित की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य उद्यमियों को बैंकिंग प्रणाली के साथ जोड़कर उनके कारोबार को नई गति प्रदान करना है।
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के उपनिदेशक उपेंद्र कुमार ने विशेष रूप से अल्पसंख्यक समुदाय के उद्यमियों के लिए संचालित योजनाओं की चर्चा की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक उद्यमी योजना के तहत उद्योग विभाग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस योजना के अंतर्गत ऋण का भुगतान अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा किया जाता है, जबकि इसका संचालन उद्योग विभाग की देखरेख में होता है।
स्वरोजगार और आर्थिक विकास की दिशा में कदम
इस कार्यक्रम के माध्यम से न केवल नए उद्यमियों को स्वरोजगार शुरू करने के लिए प्रेरित किया गया, बल्कि मौजूदा कारोबारियों को भी अपने व्यवसाय को बड़े स्तर पर ले जाने के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान की गई। अधिकारियों ने उद्यमियों को आश्वस्त किया कि वे किसी भी प्रकार की तकनीकी या वित्तीय समस्या के लिए विभाग से संपर्क कर सकते हैं।
सीवान में आयोजित यह मेगा क्रेडिट आउटरीच कार्यक्रम स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उद्यमियों को समय पर ऋण और सही मार्गदर्शन मिलता रहे, तो जिले में औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आएगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। आने वाले समय में भी इस तरह के शिविरों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को सरकारी योजनाओं के दायरे में लाने का लक्ष्य रखा गया है।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
