सीकर: ज्वेलरी शोरूम में लूट की कोशिश के 11 दिन बाद भी आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर, व्यापारियों में भारी आक्रोश
आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी नहीं होने पर सीकर उद्योग व व्यापार महासंघ ने नाराजगी जताई। महासंघ के डेलीगेशन ने सीकर पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक नूनावत को ज्ञापन सौंपकर जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी कर पूरे मामले का खुलासा करने की मांग की है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

11 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली
राजस्थान के सीकर शहर में स्थित तनिष्क ज्वेलर्स शोरूम में हुई लूट की दुस्साहसी कोशिश के मामले में 11 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस को कोई बड़ी कामयाबी नहीं मिली है। 26 जुलाई को दिनदहाड़े हुई इस वारदात के बाद से ही आरोपी फरार हैं, जिससे स्थानीय व्यापारियों और आम नागरिकों में असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। घटना के इतने दिन गुजर जाने के बावजूद अपराधियों की गिरफ्तारी न हो पाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।
वारदात के दौरान शोरूम में लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी घटना कैद हो गई थी। फुटेज में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि बदमाश हाथों में पिस्टल लिए शोरूम के भीतर दाखिल हुए थे। इस घटना ने पूरे शहर को दहला दिया था, लेकिन अब तक पुलिस इन बदमाशों की पहचान और उनके ठिकाने का पता लगाने में सफल नहीं हो पाई है।
व्यापारियों ने एसपी को सौंपा ज्ञापन
इस मामले में बढ़ती देरी को देखते हुए सीकर उद्योग व व्यापार महासंघ ने कड़ा रुख अपनाया है। महासंघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक नूनावत से मुलाकात की और उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने मांग की है कि इस मामले का जल्द से जल्द खुलासा किया जाए और आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जाए ताकि शहर में कानून-व्यवस्था का डर बना रहे।
महासंघ के अध्यक्ष संजीव नेहरा ने कहा कि व्यापारी पुलिस के साथ सहयोग करने को तैयार हैं, लेकिन शहर में व्याप्त भय के माहौल को समाप्त करने के लिए पुलिस को अपनी कार्रवाई में तेजी लानी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की घटनाएं व्यापारियों के मनोबल को तोड़ती हैं, इसलिए अपराधियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई अनिवार्य है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठाई मांगें
ज्ञापन के माध्यम से व्यापारियों ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए कई सुझाव भी दिए हैं। उन्होंने मांग की है कि प्रमुख बाजारों और प्रवेश मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की कम से कम 90 दिनों की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी जाए और उनकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए। इसके अलावा, बाजारों में पैदल गश्त और मोबाइल पेट्रोलिंग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।
व्यापारियों ने बिना नंबर प्लेट और काली फिल्म लगे वाहनों के खिलाफ सघन अभियान चलाने, अपराध संभावित क्षेत्रों में पुलिस की चौकसी बढ़ाने और बीट कांस्टेबल व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है। साथ ही, किराएदारों और संदिग्ध व्यक्तियों के नियमित सत्यापन की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने का आग्रह किया गया है ताकि बाहरी तत्वों पर नजर रखी जा सके।
पुलिस का आश्वासन और आगे की कार्रवाई
संस्थागत अध्यक्ष अरुण फागलवा ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के साथ हुई चर्चा के दौरान उन्होंने मामले की गंभीरता को स्वीकार किया है। एसपी प्रवीण नायक नूनावत ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया है कि पुलिस इस मामले में लगातार काम कर रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। व्यापारियों को उम्मीद है कि पुलिस प्रशासन जल्द ही इस मामले का खुलासा कर शहर में शांति बहाल करेगा।
फिलहाल, सीकर पुलिस की विभिन्न टीमें इस मामले की जांच में जुटी हुई हैं। सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बदमाशों की तलाश की जा रही है। शहर के व्यापारी वर्ग की नजरें अब पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं, क्योंकि इस घटना ने सीकर के सुरक्षा तंत्र की पोल खोलकर रख दी है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
