सीकर में FCI में नौकरी का झांसा: गोदाम असिस्टेंट बनाने के नाम पर 4 लाख की ठगी, झारखंड के जंगलों में दी गई फर्जी ट्रेनिंग
FCI job scam in Rajasthan: 4 lakh rupees cheated for warehouse assistant post. Follow Dainik Bhaskar (दैनिक भास्कर) Latest Updates. आरोपियों ने युवक को फर्जी आईडी कार्ड भी बनाकर दे दिया। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

नौकरी के नाम पर जालसाजी का बड़ा खेल
राजस्थान के सीकर जिले में सरकारी नौकरी का झांसा देकर एक बेरोजगार युवक से लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (FCI) में गोदाम असिस्टेंट के पद पर नियुक्ति दिलाने का लालच देकर आरोपियों ने पीड़ित से 4 लाख रुपये ऐंठ लिए। इस मामले में जाजोद पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित गोगराज जाट, जो सलेदीपुरा का निवासी है, ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह लंबे समय से रोजगार की तलाश में था। इसी दौरान उसके गांव का ही पड़ोसी मक्खनलाल उसके पास आया और उसे सरकारी नौकरी का सपना दिखाया। मक्खनलाल ने दावा किया कि उसकी जान-पहचान हेमराज मीणा नाम के व्यक्ति से है, जो FCI में भर्ती करवाने का काम करता है।
झारखंड के जंगलों में ट्रेनिंग का नाटक
आरोपियों ने गोगराज को विश्वास में लेने के लिए बताया कि यह नौकरी झारखंड स्थित FCI गोदाम में मिलेगी। इसके लिए उन्होंने 3.80 लाख रुपये की मांग की, जिसमें से 1.20 लाख रुपये ट्रेनिंग से पहले और शेष राशि ट्रेनिंग के दौरान देने की बात कही गई। आरोपियों ने तर्क दिया कि यह पैसा विभाग के उच्च अधिकारियों तक पहुंचना जरूरी है। गोगराज ने उनकी बातों में आकर अपने दस्तावेज और पैसे सौंप दिए।
ठगी को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने पीड़ित को झारखंड के छतरा भेजा। वहां उसे एक से डेढ़ महीने तक रखा गया। इस दौरान उसे और अन्य लोगों को रोजाना एक गाड़ी में बैठाकर जंगल ले जाया जाता था, जहां उन्हें ट्रेनिंग के नाम पर गुमराह किया जाता रहा। आरोपियों ने गोगराज को एक फर्जी आईडी कार्ड और चालान रसीद भी थमा दी, ताकि उसे अपनी नियुक्ति पर कोई संदेह न हो।
सच्चाई सामने आने पर खुला राज
जब गोगराज को लंबे समय तक कोई आधिकारिक नियुक्ति पत्र नहीं मिला, तो उसने खुद स्तर पर जांच करने का फैसला किया। उसने FCI मुख्यालय से संपर्क किया, जहां उसे पता चला कि उसके नाम पर कोई नियुक्ति नहीं हुई है और उसे जो दस्तावेज दिए गए थे, वे पूरी तरह फर्जी हैं। यह स्पष्ट हो गया कि वह एक सुनियोजित ठगी का शिकार हुआ है।
धोखाधड़ी का पता चलने के बाद पीड़ित ने मक्खनलाल और हेमराज से अपने पैसे वापस मांगे। शुरुआत में आरोपियों ने टालमटोल की और पैसे लौटाने का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में उन्होंने साफ इनकार कर दिया। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस की शरण ली।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
जाजोद पुलिस ने पीड़ित की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब आरोपियों की तलाश कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी सरकारी नौकरी के नाम पर निजी व्यक्तियों को पैसे न दें और आधिकारिक वेबसाइटों के माध्यम से ही भर्ती की जानकारी प्राप्त करें।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ानटिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!