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सीधी: आवारा घोड़े के उत्पात से परेशान ग्रामीणों ने थाने के गेट पर बांधा जानवर

सीधी जिले के अमिलिया थाना क्षेत्र में एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां आवारा घोड़े से परेशान ग्रामीणों ने अपना विरोध जताते हुए उसे थाने के मुख्य द्वार पर बांध दिया।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

12 जुलाई 20262 मिनट पढ़ें
सीधी: आवारा घोड़े के उत्पात से परेशान ग्रामीणों ने थाने के गेट पर बांधा जानवर
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मध्य प्रदेश के सीधी जिले में एक बेहद अजीबोगरीब मामला सामने आया है। अमिलिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव में आवारा घोड़े के आतंक से तंग आकर ग्रामीणों ने अपना विरोध जताने का अनोखा तरीका अपनाया। ग्रामीणों ने इस आवारा घोड़े को पकड़कर सीधे अमिलिया थाने के मुख्य द्वार पर बांध दिया, जिससे इलाके में करीब दो घंटे तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

लंबे समय से जारी था घोड़े का उत्पात

ग्रामीणों का आरोप है कि यह आवारा घोड़ा पिछले कई दिनों से गांव में खुलेआम घूम रहा था और लगातार उत्पात मचा रहा था। इस जानवर ने न केवल खेतों में घुसकर खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया, बल्कि राहगीरों के लिए भी खतरा पैदा कर दिया था। सड़क पर अचानक दौड़ने के कारण यह घोड़ा कई वाहनों के लिए भी मुसीबत बना हुआ था, जिससे आए दिन दुर्घटनाओं का डर बना रहता था।

गांव के किसानों ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि खेती ही उनकी आय का मुख्य जरिया है, लेकिन इस घोड़े ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है। कई खेतों में फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार इस घोड़े के मालिक को खोजने का प्रयास किया, लेकिन कोई भी व्यक्ति सामने नहीं आया, जिससे ग्रामीणों का गुस्सा और अधिक बढ़ गया।

चौकीदार ने प्रशासन को जगाने के लिए उठाया कदम

इस पूरी घटना के पीछे गांव के चौकीदार संतोष त्रिपाठी की मुख्य भूमिका रही। उन्होंने बताया कि पिछले तीन दिनों से घोड़ा लगातार लोगों को परेशान कर रहा था। उसने न केवल फसलों को नष्ट किया, बल्कि बच्चों को धक्का मारने और वाहनों को क्षतिग्रस्त करने जैसी हरकतें भी कीं। जब बार-बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकला, तो उन्होंने प्रशासन का ध्यान इस समस्या की ओर खींचने के लिए घोड़े को थाने के गेट पर बांधने का निर्णय लिया।

रविवार सुबह करीब 7 बजे चौकीदार ने घोड़े को अमिलिया थाने के मुख्य गेट पर लगे बोर्ड के साथ बांध दिया। इस दृश्य को देखकर वहां मौजूद लोग और पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए। थाने के सामने जानवर को बंधा देख वहां भारी भीड़ जमा हो गई और करीब दो घंटे तक इस मामले को लेकर हंगामा होता रहा।

पुलिस की कार्रवाई और वर्तमान स्थिति

मामले की जानकारी मिलते ही अमिलिया थाना प्रभारी राकेश बैस ने तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने चौकीदार को तलब किया और तत्काल प्रभाव से घोड़े को थाने के मुख्य द्वार से हटवाया। पुलिस का कहना है कि सूचना मिलने के बाद स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया था।

थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि घोड़े को थाने के सामने से हटवा दिया गया है, हालांकि इसके बाद चौकीदार उस जानवर को कहां ले गया, इसकी जानकारी पुलिस के पास नहीं है। फिलहाल गांव में आवारा पशुओं की समस्या को लेकर ग्रामीणों में अभी भी चिंता बनी हुई है और वे प्रशासन से इस दिशा में स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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