शिवपुरी: गूगल पर डॉक्टर का नंबर ढूंढना पड़ा महंगा, कारोबारी की पत्नी के फोन से उड़े 3 लाख
शिवपुरी के प्रमुख ऑटो मोबाइल कारोबारी कपिल गुप्ता साइबर ठगी का शिकार हो गए। साइबर ठगों ने उनके बैंक खातों से 2 लाख 94 हजार 202 रुपए निकाल लिए।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

गूगल सर्च बना मुसीबत का सबब
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में साइबर ठगी का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। शहर के जाने-माने ऑटोमोबाइल कारोबारी कपिल गुप्ता और उनका परिवार साइबर अपराधियों का शिकार हो गया है। इस घटना में ठगों ने कारोबारी के बैंक खातों से करीब 2 लाख 94 हजार रुपये की बड़ी रकम उड़ा ली है। पीड़ित ने इस संबंध में स्थानीय कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कारोबारी कपिल गुप्ता जिले में उस समय चर्चा में आए थे जब उन्होंने पिछले साल नवंबर में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा का भव्य आयोजन किया था। अब वे एक अलग वजह से सुर्खियों में हैं। घटना 27 जून 2026 की रात की है, जब उनकी पत्नी शिल्पी गुप्ता ने स्वास्थ्य संबंधी परामर्श के लिए गूगल पर एक डॉक्टर का संपर्क नंबर खोजा था। इसी दौरान वे अनजाने में साइबर ठगों के जाल में फंस गईं।
APK फाइल डाउनलोड करते ही हैक हुआ फोन
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, गूगल पर मिले नंबर पर जब शिल्पी गुप्ता ने संपर्क किया, तो सामने वाले व्यक्ति ने खुद को डॉक्टर का प्रतिनिधि बताकर बातचीत की। विश्वास में लेने के बाद, ठग ने उन्हें एक एपीके (APK) फाइल भेजी और उसे तुरंत डाउनलोड करने का निर्देश दिया। जैसे ही उन्होंने उस फाइल को अपने मोबाइल में इंस्टॉल किया, उनका फोन पूरी तरह से साइबर अपराधियों के नियंत्रण में चला गया।
फोन हैक होते ही ठगों ने शिल्पी गुप्ता के मोबाइल में मौजूद बैंकिंग ऐप्स का एक्सेस हासिल कर लिया। इसके बाद उन्होंने आईसीआईसीआई बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा के खातों से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 2 लाख 94 हजार 202 रुपये की राशि निकाल ली। जब कारोबारी को अपने खातों से रकम कटने का संदेश मिला, तब उन्हें ठगी का अहसास हुआ।
पुलिस की जांच और सुरक्षा के निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अब उन बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है जिनमें यह रकम ट्रांसफर की गई है। साथ ही, उस मोबाइल नंबर और एपीके फाइल की तकनीकी जांच की जा रही है जिसका इस्तेमाल ठगी के लिए किया गया था।
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि अनजान स्रोतों से आई किसी भी एपीके फाइल को डाउनलोड करना बेहद खतरनाक हो सकता है। यह फाइलें अक्सर 'रिमोट एक्सेस' ऐप के रूप में काम करती हैं, जो फोन का पूरा कंट्रोल ठगों को दे देती हैं। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि गूगल पर मिलने वाले किसी भी नंबर पर आंख मूंदकर भरोसा न करें और किसी भी अनजान लिंक या फाइल पर क्लिक करने से बचें।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!