शाजापुर साइबर ठगी मामला: भाजपा नेता की गिरफ्तारी के बाद गरमाई सियासत, कांग्रेस ने की निष्पक्ष जांच की मांग
Shajapur cyber fraud case arrest latest update, political controversy and investigation demand. 21 करोड़ से ज्यादा की साइबर ठगी के मामले में शाजापुर जिला पंचायत सदस्य एवं भाजपा नेता जगदीश मालवीय उर्फ फौजी की गिरफ्तारी के बाद अब इस मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। गुरुवार को कालापीपल के पूर्व विधायक एवं कांग्रेस नेता कुणाल चौधरी ने मामले में भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष और व्यापक जांच की मांग की।

मुश्ताक अहमद खान
Editor in chief

मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में 21 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर धोखाधड़ी के मामले में जिला पंचायत सदस्य और भाजपा नेता जगदीश मालवीय उर्फ फौजी की गिरफ्तारी ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। इस मामले के सामने आने के बाद विपक्षी दल कांग्रेस ने सत्ताधारी दल पर गंभीर आरोप लगाए हैं और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
कांग्रेस का आरोप: राजनीतिक संरक्षण की हो जांच
कालापीपल के पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता कुणाल चौधरी ने इस गिरफ्तारी के बाद भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि साइबर ठगी जैसे गंभीर अपराधों में शामिल लोगों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। चौधरी ने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं है, बल्कि एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा प्रतीत होता है। उन्होंने मांग की है कि इस पूरे मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए ताकि यह पता चल सके कि इसके पीछे कौन-कौन से बड़े चेहरे शामिल हैं।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि यदि इस नेटवर्क की निष्पक्ष जांच की जाए, तो यह घोटाला केवल 21 करोड़ तक सीमित न रहकर हजारों करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब भी ऐसे बड़े साइबर अपराध सामने आते हैं, तो उनमें शामिल लोगों के तार अक्सर भाजपा से ही क्यों जुड़ते हैं।
क्या है 21 करोड़ की साइबर ठगी का मामला
राज्य साइबर पुलिस ग्वालियर जोन ने मंगलवार देर रात शाजापुर से जगदीश मालवीय को हिरासत में लिया था। जांच में सामने आया कि ग्वालियर के एक 70 वर्षीय चार्टर्ड अकाउंटेंट के साथ क्रिप्टो निवेश के नाम पर 21.05 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई थी। इस ठगी की रकम में से 50 लाख रुपये आरोपी जगदीश मालवीय के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। फिलहाल पुलिस उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है।
प्रारंभिक जांच में पुलिस को आरोपी के बैंक खातों में 2.50 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध लेन-देन का पता चला है। पुलिस को संदेह है कि मालवीय के खातों का उपयोग अन्य साइबर ठगी की रकम को ठिकाने लगाने के लिए भी किया गया है। पुलिस की टीमें अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में विभिन्न राज्यों में छापेमारी कर रही हैं।
सेना से राजनीति तक का सफर
आरोपी जगदीश मालवीय भारतीय सेना में सूबेदार के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद राजनीति में सक्रिय हुआ था। वह भाजपा से जुड़ा और स्थानीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। इसके बाद वह पंचायत चुनाव जीतकर शाजापुर जिला पंचायत का सदस्य बना और वर्तमान में निर्माण समिति के सभापति के रूप में कार्य कर रहा था। उसकी गिरफ्तारी ने स्थानीय राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है।
शाजापुर जिले में साइबर अपराधों का बढ़ता नेटवर्क प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। इससे पहले भी जिले में फर्जी कॉल सेंटरों के संचालन की खबरें सामने आती रही हैं। करीब आठ महीने पहले लालघाटी थाना क्षेत्र में एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ हुआ था, जिसके बाद भी क्षेत्र में ऐसे संदिग्ध केंद्रों के चलने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं।
हाल ही में लालघाटी क्षेत्र में एक और संदिग्ध कॉल सेंटर पर पुलिस ने दबिश देकर सात युवतियों को पकड़ा था, लेकिन इस मामले में ठोस कार्रवाई न होने से स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। अब जगदीश मालवीय की गिरफ्तारी के बाद पुलिस पर दबाव बढ़ गया है कि वह इस पूरे साइबर नेटवर्क को जड़ से खत्म करे।

Editor in chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
