सहरसा गोलीबारी: 12 घंटे के भीतर दो आरोपी गिरफ्तार, मछली व्यवसायी पर हुआ था जानलेवा हमला
Saharsha shooting case quick action. सहरसा के सलखुआ थाना क्षेत्र के गौसपुर चौक पर गुरुवार को हुई गोलीबारी के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस ने घटना के 12 घंटे के भीतर दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर शुक्रवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

बिहार के सहरसा जिले में हुई गोलीबारी की एक सनसनीखेज घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 12 घंटे के भीतर दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला सलखुआ थाना क्षेत्र के गौसपुर चौक का है, जहां गुरुवार को हथियारबंद बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग कर इलाके में दहशत फैला दी थी।
पुलिस की विशेष टीम ने की कार्रवाई
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने मामले के खुलासे के लिए एक विशेष टीम का गठन किया था। सिमरी बख्तियारपुर के एसडीपीओ मुकेश कुमार ठाकुर ने बताया कि डीआईयू और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर दो मुख्य संदिग्धों को धर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सौरबाजार थाना क्षेत्र के खैरा निवासी वंसराज यादव और हंसराज यादव के रूप में की गई है। शुक्रवार को दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, इस घटना में शामिल अन्य फरार अपराधियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही बाकी आरोपियों को भी कानून के दायरे में लाया जाएगा।
जमीन विवाद बना हमले की वजह
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि पूरी वारदात के पीछे जमीन का पुराना विवाद है। गौसपुर निवासी रामसोगारथ यादव और खैरा निवासी अशोक यादव के बीच लंबे समय से भूमि को लेकर रंजिश चल रही है। गुरुवार को जब रामसोगारथ यादव अपनी जमीन पर निर्माण कार्य करवा रहे थे, तभी दूसरे पक्ष के लोगों ने काम रोकने के इरादे से वहां पहुंचकर फायरिंग शुरू कर दी।
इस गोलीबारी के दौरान दो बाइकों पर सवार होकर आए हमलावरों ने अंधाधुंध गोलियां चलाईं। इसी दौरान वहां से गुजर रहे मछली व्यवसायी राजा कुमार (26 वर्ष) इस हमले की चपेट में आ गए। राजा कुमार बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के आजाद नगर गंज के निवासी हैं।
घायल व्यवसायी का चल रहा इलाज
हमले में मछली व्यवसायी राजा कुमार की गर्दन में गोली लगी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद उन्हें स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार दिया गया, जिसके बाद उन्हें सहरसा सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। वर्तमान में उनका इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है, जहां उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
इस मामले में रामस्वार्थ यादव की शिकायत पर पुलिस ने 9 लोगों के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस दर्ज एफआईआर के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है और अन्य आरोपियों की धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
सहरसा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा। इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
