रोहतक: जेएलएन नहर में नहाने गए दो सगे भाई डूबे, तलाश जारी
Rohtak JN Canal drowning incident, search operation underway by SDRF and police. रोहतक जेएलएन नहर में डूबे 2 बच्चे.

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

नहर में नहाने के दौरान हुआ हादसा
हरियाणा के रोहतक जिले में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां जेएलएन नहर में नहाने गए दो सगे भाई गहरे पानी में डूब गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया। फिलहाल, एसडीआरएफ (SDRF) की टीम और स्थानीय गोताखोरों की मदद से बच्चों की तलाश की जा रही है, लेकिन अब तक उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
पीड़ित परिवार मूल रूप से बिहार का रहने वाला है और वर्तमान में रोहतक के बोहर गांव में किराए के मकान में रह रहा था। नहर में डूबने वाले बच्चों की पहचान 9 वर्षीय प्रदीप और 12 वर्षीय कुलदीप के रूप में हुई है, जो दलीप सिंह के पुत्र थे।
बचाने के प्रयास में दोनों भाई बहे
प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती जांच के अनुसार, दोनों बच्चे दोपहर के समय नहर पर नहाने के लिए गए थे। नहर की सीढ़ियों पर बैठकर नहाते समय अचानक छोटे भाई प्रदीप का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। उसे डूबता देख बड़े भाई कुलदीप ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि वह भी खुद को नहीं बचा सका और दोनों भाई पानी की तेज लहरों में ओझल हो गए।
आसपास मौजूद लोगों ने घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी। आईएमटी थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और बचाव कार्य के लिए एसडीआरएफ की टीम को तुरंत घटनास्थल पर बुलाया गया।
तेज बहाव के कारण तलाशी में आ रही बाधा
एसडीआरएफ की टीम ने नहर के विभिन्न हिस्सों में सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। गोताखोरों की मदद से पानी के भीतर भी तलाश की जा रही है, लेकिन नहर में पानी का बहाव काफी तेज होने के कारण रेस्क्यू टीम को भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। बचाव दल बेरी हेड तक बच्चों की तलाश कर रहा है, ताकि किसी भी संभावित स्थान पर उन्हें ढूंढा जा सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नहर में दो दिन पहले ही पानी छोड़ा गया था। पानी का स्तर और बहाव दोनों ही काफी अधिक हैं, जिससे स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण बन गई है। बच्चों के डूबने की खबर सुनकर परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की स्थिति
आईएमटी थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस टीम लगातार मौके पर मौजूद है और बचाव कार्य की निगरानी कर रही है। उन्होंने कहा कि बच्चों को खोजने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल, प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नहर के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बच्चे और आम नागरिक नहर के किनारे जाने से बचें।
इस घटना ने एक बार फिर नहरों के किनारे सुरक्षा के इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल, पूरा इलाका बच्चों के मिलने की प्रार्थना कर रहा है, जबकि रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
