रोहतक की 'ऑटो गर्ल' निहारिका मलिक: जानिए कौन हैं वो छात्रा, जिसने बीजेपी प्रदर्शन के दौरान भरी हुंकार
Rohtak girl Niharika Malik viral video statement on BJP protest controversy. मैं अपनी दादी के साथ शॉपिंग करने लिए आई थी। बस से उतरकर ऑटो में बैठी, जिसमें एक आंटी, एक बच्ची और एक अंकल भी बैठे हुए थे।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

रोहतक की निहारिका मलिक का वीडियो वायरल
हरियाणा के रोहतक की रहने वाली निहारिका मलिक इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं। 22 जुलाई को भाजपा के एक प्रदर्शन के दौरान ऑटो से उतरकर विरोध जताने वाली निहारिका का वीडियो तेजी से वायरल हुआ। इस घटनाक्रम ने उन्हें 'ऑटो गर्ल' के नाम से पहचान दिलाई है। निहारिका का कहना है कि उन्होंने यह विरोध किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त खामियों और छात्रों के हक के लिए किया था।
घटना के दिन निहारिका अपनी दादी के साथ शॉपिंग के लिए रोहतक आई थीं। अंबेडकर चौक पर जाम के दौरान वहां भाजपा का प्रदर्शन चल रहा था, जिसमें 'नरेंद्र मोदी जिंदाबाद' के नारे लग रहे थे। निहारिका के अनुसार, वहां मौजूद एक महिला को छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को सही ठहराते हुए सुनकर उन्हें काफी गुस्सा आया और उन्होंने वहीं ऑटो से उतरकर अपना विरोध दर्ज कराने का फैसला किया।
कौन हैं निहारिका मलिक?
निहारिका मलिक रोहतक के मोखरा गांव की रहने वाली हैं और फिलहाल कलानौर में रहती हैं। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा वेद मॉडल स्कूल से पूरी की है और अब वह उच्च शिक्षा के लिए बेंगलुरु जाने की तैयारी कर रही हैं। उनके पिता सतेंद्र मलिक एक ट्रैवल एजेंसी चलाते हैं। निहारिका का कहना है कि उन्हें निडर होकर अपनी बात रखने की प्रेरणा अपनी दादी मीरा मलिक और कनाडा में रहने वाली अपनी बुआ से मिली है।
निहारिका के पिता उस दिन दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के समर्थन में चल रहे प्रदर्शन में शामिल हुए थे। हालांकि उनके परिवार में किसी ने नीट की परीक्षा नहीं दी थी, लेकिन छात्रों के भविष्य को लेकर वे चिंतित थे। निहारिका का मानना है कि नीट पेपर लीक जैसी घटनाओं से उन छात्रों की वर्षों की मेहनत बर्बाद हो जाती है, जो तीसरी या चौथी बार परीक्षा दे रहे होते हैं।
प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ?
निहारिका ने बताया कि जैसे ही उन्होंने प्रदर्शन के बीच अपनी बात रखनी शुरू की, वहां मौजूद कुछ भाजपा कार्यकर्ता उनकी ओर बढ़े और उन्हें चुप कराने की कोशिश की। इस दौरान हरे रंग की शर्ट पहने एक व्यक्ति ने उन्हें डांटने का प्रयास भी किया, जिससे वह कुछ देर के लिए असहज जरूर हुईं, लेकिन पीछे नहीं हटीं। उन्होंने अपनी बात मजबूती से रखी, जिसके बाद वे लोग पीछे हट गए।
उन्होंने जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की निंदा करते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में युवाओं पर बल प्रयोग को सही नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने सोशल मीडिया पर देखी गई उस रील का जिक्र किया जिसमें एक बच्ची के घायल होने का दावा किया गया था, हालांकि दिल्ली पुलिस ने इस दावे को खारिज किया था। निहारिका का स्पष्ट कहना है कि उनका विरोध किसी पार्टी से नहीं, बल्कि व्यवस्था की विफलता से है।
वीडियो वायरल होने के बाद की प्रतिक्रिया
घटना के बाद निहारिका को तब पता चला कि उनका वीडियो वायरल हो गया है, जब उनके दोस्तों ने उन्हें सोशल मीडिया लिंक भेजे। इसके बाद उन्हें रिश्तेदारों और परिचितों के लगातार फोन आने लगे। सांसद दीपेंद्र हुड्डा द्वारा वीडियो साझा किए जाने के बाद यह मामला और अधिक चर्चा में आ गया। निहारिका का कहना है कि उन्हें इस बात की खुशी है कि हरियाणा से किसी ने युवाओं के मुद्दों पर आवाज उठाई।
अंत में निहारिका ने स्पष्ट किया कि यदि उस समय वहां कांग्रेस की सरकार भी होती और वे इसी तरह की गलतियां करते, तो भी वह इसी तरह विरोध जतातीं। उनका उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना था कि सरकार युवाओं की समस्याओं को सुने और शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए कदम उठाए।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
