राजस्थान में मानसून की रफ्तार धीमी, कई जिलों में बारिश का अलर्ट जारी
Rajasthan monsoon slows down. Sriganganagar, Hanumangarh, Churu, Jhunjhunu, Alwar, Bharatpur districts likely to receive rain. Rajasthan mein monsoon ki gati kamzor ho gayi hai lekin iske baad bhi badalon ne pashchimi aur purvi Rajasthan ke kuch hisson par dera dala hua hai. Mausam vibhag ne Sriganganagar, Hanumangarh, Churu, Jhunjhunu, Khairthal-Behror, Alwar, Deeg, Bharatpur aur Dholpur jilon mein baarish ki ummeed jatai hai.

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

राजस्थान में मानसून की सक्रियता में पिछले कुछ दिनों से कमी देखी जा रही है, जिससे प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की रफ्तार धीमी पड़ गई है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए पूर्वानुमान जारी करते हुए कहा है कि राज्य के विभिन्न जिलों में मानसून की स्थिति फिलहाल कमजोर बनी हुई है, हालांकि कुछ क्षेत्रों में अभी भी बादलों का डेरा है।
इन जिलों में बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, झुंझुनूं, कोटपूतली-बहरोड़, अलवर, डीग, भरतपुर और धौलपुर जिलों में बारिश होने की उम्मीद है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना भी जताई गई है। विभाग का मानना है कि 15 जुलाई के बाद मानसून एक बार फिर से गति पकड़ सकता है, जिससे बारिश के दौर में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
बीते 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो चूरू में सबसे अधिक 25.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा पिलानी में 10.1 मिलीमीटर और सीकर में 4 मिलीमीटर बारिश हुई है। अलवर और श्रीगंगानगर जैसे जिलों में भी शनिवार को बारिश दर्ज की गई, जिससे स्थानीय लोगों को उमस भरी गर्मी से काफी राहत मिली है।
गर्मी और उमस का प्रकोप
मानसून की सुस्ती के कारण पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में तापमान में उछाल देखा जा रहा है। श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो प्रदेश में सबसे अधिक है। इसके साथ ही जैसलमेर, फलोदी और बीकानेर में भी पारा 39 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। चूरू में बारिश के बावजूद तापमान 37.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों की बात करें तो जयपुर में न्यूनतम तापमान 28.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जहां पिछले 24 घंटों में पारे में हल्की बढ़ोतरी हुई है। कोटा में भी तेज उमस के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि उदयपुर और सीकर जैसे जिलों में बादल छाए रहने के बावजूद बारिश की कमी महसूस की जा रही है।
आगामी पूर्वानुमान और स्थिति
मौसम केंद्र के अनुसार, पूर्वी राजस्थान के जयपुर, भरतपुर, कोटा और उदयपुर संभागों में 16 जुलाई तक छिटपुट बारिश की संभावना बनी हुई है। इसके अलावा बीकानेर संभाग के साथ-साथ सिरोही, झालावाड़ और बारां जिलों में भी मेघगर्जन के साथ बारिश के आसार हैं। जोधपुर में बादलों की आवाजाही के कारण तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिली है।
राज्य में अब तक मानसून सीजन के दौरान सामान्य से करीब 14 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है, लेकिन वर्तमान में मानसून के कमजोर पड़ने से कृषि और आम जनजीवन पर इसका असर दिख रहा है। मौसम विभाग की ओर से जारी अलर्ट के बाद स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी स्थिति से निपटा जा सके।
आने वाले दिनों में मानसून की दिशा और गति पर मौसम विभाग की पैनी नजर है। फिलहाल प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में उमस और गर्मी का मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। किसानों को उम्मीद है कि 15 जुलाई के बाद होने वाली संभावित बारिश से फसलों को फायदा मिलेगा और तापमान में और अधिक गिरावट आएगी।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
