राजस्थान में ग्रेड 3 शिक्षकों का जयपुर में शक्ति प्रदर्शन, तबादला नीति लागू करने की मांग पर अड़े
Jaisalmer Grade 3 teachers protest in Jaipur for transfer policy. जैसलमेर में ग्रेड 3 (तृतीय श्रेणी) शिक्षकों ने अपनी पुरानी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जिले से बड़ी संख्या में शिक्षक अपनी मुख्य मांग तबादला नीति को लागू कराने के लिए जयपुर पहुंच चुके हैं।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

राजस्थान में ग्रेड 3 शिक्षकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अपनी प्रमुख मांग 'तबादला नीति' को लागू करवाने के लिए जैसलमेर से बड़ी संख्या में शिक्षक राजधानी जयपुर पहुंच चुके हैं। शिक्षकों का कहना है कि वे लंबे समय से दूर-दराज के क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं के प्रति उदासीन बनी हुई है।
तबादला नीति के लिए सड़क पर उतरे शिक्षक
राजस्थान पंचायती राज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रकाश बिश्नोई खारा ने बताया कि जैसलमेर जैसे सीमावर्ती और मरुस्थलीय इलाकों में कार्यरत शिक्षकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से महिला शिक्षकों की स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण है। शिक्षकों का आरोप है कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद शिक्षा विभाग उनकी मांगों को नजरअंदाज कर रहा है, जिसके कारण उन्हें मजबूरन जयपुर आकर प्रदर्शन करना पड़ रहा है।
जयपुर में एकत्रित हुए शिक्षकों ने सरकार को सख्त चेतावनी दी है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि तबादला पाना उनका अधिकार है और वे इसे लेकर रहेंगे। शिक्षकों ने 'तबादला करो या कुर्सी छोड़ो' के नारे के साथ सरकार पर दबाव बनाया है। उनका स्पष्ट कहना है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो यह आंदोलन पूरे राजस्थान में और अधिक उग्र रूप ले लेगा।
जैसलमेर से जयपुर तक का सफर
अपनी मांगों को मजबूती से रखने के लिए जैसलमेर के शिक्षकों ने बीती रात ही जयपुर के लिए प्रस्थान किया था। इस दल में गणेश चौधरी, देशराज बिश्नोई, सुनील पीटीआई, महेन्द्र बिश्नोई, ओम गोरा, विकास भणियाणा, देवेंद्र सिंह, ओमप्रकाश पीटीआई, महेश भुकर, महेन्द्र कुमार जांगिड़, विनोद कुमारी, प्रिया खीचड़, सुमित्रा शर्मा, योगेश कुमारी शर्मा, लीलाधर पालीवाल, अनूप यादव, राजेन्द्र बेनीवाल, मुकेश कुमार यादव, साबुती मीणा और राजू सिंह जोधा समेत कई शिक्षक शामिल हैं।
इन शिक्षकों का कहना है कि वे वर्षों से अपने गृह जिलों से दूर रहकर शिक्षा की अलख जगा रहे हैं, लेकिन अब वे और अधिक प्रतीक्षा करने की स्थिति में नहीं हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि पारदर्शी तबादला नीति को जल्द से जल्द लागू किया जाए ताकि शिक्षकों को उनके घर के नजदीक पदस्थापन मिल सके।
सरकार पर अनदेखी का आरोप
शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि सरकार और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता का अभाव है। उन्होंने कहा कि बॉर्डर और दुर्गम इलाकों में काम करने वाले शिक्षकों की तकलीफों को समझने में प्रशासन पूरी तरह विफल रहा है। शिक्षकों का यह भी कहना है कि उनकी सुनवाई नहीं होने के कारण ही उन्हें अपनी ड्यूटी छोड़कर सड़कों पर उतरना पड़ा है।
वर्तमान में जयपुर में चल रहा यह प्रदर्शन शिक्षकों के बढ़ते आक्रोश को दर्शाता है। शिक्षक अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं और उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक तबादला प्रक्रिया शुरू नहीं की जाती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। आगामी दिनों में इस आंदोलन की दिशा और दशा सरकार के रुख पर निर्भर करेगी।
शिक्षकों के इस प्रदर्शन से शिक्षा विभाग पर भी दबाव बढ़ गया है। अब देखना यह होगा कि सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है और क्या शिक्षकों की वर्षों पुरानी मांग को पूरा किया जाता है या फिर आंदोलन और अधिक व्यापक होगा।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
