राजस्थान कांग्रेस की चुनावी रणनीति: पंचायत और निकाय चुनावों में युवाओं को मिलेगी प्राथमिकता
जयपुर में आगामी पंचायत एवं निकाय चुनावों की तैयारियों को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने के उद्देश्य से राजीव गांधी पंचायती राज संगठन, राजस्थान की ओर से सोमवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में चुनाव प्रबंधन कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में प्रदेशभर के सभी जिलों से आए करीब 500 प्रतिनिधियों को बूथ प्रबंधन, मतदाता सूची की समीक्षा, जनसंपर्क, चुनावी संवाद और संगठनात्मक समन्वय का प्रशिक्षण दिया गया।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

राजस्थान में आगामी पंचायत और निकाय चुनावों की तैयारियों को लेकर कांग्रेस ने अपनी कमर कस ली है। जयपुर स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में राजीव गांधी पंचायती राज संगठन द्वारा एक महत्वपूर्ण चुनाव प्रबंधन कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बूथ स्तर पर पार्टी की पकड़ को मजबूत करना और कार्यकर्ताओं को चुनावी बारीकियों से अवगत कराना था।
इस प्रशिक्षण सत्र में प्रदेश भर से आए करीब 500 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान बूथ प्रबंधन, मतदाता सूची की सूक्ष्म समीक्षा, जनसंपर्क बढ़ाने के तरीके और चुनावी संवाद को प्रभावी बनाने जैसे विषयों पर गहन चर्चा की गई। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक समन्वय के साथ आगे बढ़ने का मंत्र दिया।
युवाओं को नेतृत्व का मौका देगी कांग्रेस
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि आगामी चुनावों में पार्टी नई पीढ़ी को आगे लाने पर विशेष ध्यान देगी। उन्होंने घोषणा की कि कांग्रेस का लक्ष्य 50 प्रतिशत टिकट 50 वर्ष से कम आयु के युवाओं को देने का है। डोटासरा ने कहा कि टिकट वितरण पूरी तरह पारदर्शी होगा और इसमें केवल उन्हीं कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता मिलेगी जो जमीनी स्तर पर सक्रिय हैं और जिनकी जनता के बीच स्वीकार्यता है।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इस अवसर पर राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पंचायत और निकाय चुनाव लोकतांत्रिक संघर्षों के बाद ही संभव हो पाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि परिसीमन में देरी और पूर्ववर्ती सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को बंद करने से जनता में भारी नाराजगी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे इस असंतोष को कांग्रेस के पक्ष में जनसमर्थन में बदलने के लिए पूरी ताकत लगा दें।
बूथ प्रबंधन ही जीत की कुंजी
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सी.पी. जोशी ने चुनावी गणित समझाते हुए कहा कि चुनाव जीतने की सबसे महत्वपूर्ण इकाई 'बूथ' है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को सलाह दी कि वे हर परिवार तक पहुंच सुनिश्चित करें और मतदाता सूची की बारीकी से जांच करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता के साथ निरंतर संवाद ही जीत का सबसे बड़ा आधार है।
राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सी.बी. यादव ने कार्यकर्ताओं को वैचारिक स्पष्टता रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा के राजनीतिक विमर्श में उलझने के बजाय कांग्रेस को अपनी विचारधारा, सत्य, अहिंसा और सामाजिक न्याय के मुद्दों को जनता के बीच लेकर जाना चाहिए। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों के मार्गदर्शन के लिए जल्द ही एक प्रदेश स्तरीय चुनाव सहायता समिति का गठन किया जाएगा।
संगठनात्मक मजबूती का संकल्प
कार्यशाला में शामिल हुए प्रतिनिधियों ने आगामी चुनावों में कांग्रेस की नीतियों और लोकतांत्रिक मूल्यों को घर-घर तक पहुंचाने का संकल्प लिया। इस दौरान कुनाल बनर्जी, रीना वाल्मीकि और डॉ. सी.बी. यादव सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी नेताओं ने एक स्वर में कहा कि बूथ स्तर पर संगठन की सक्रियता ही पार्टी को सत्ता के करीब ले जाएगी।
आगामी पंचायत और निकाय चुनाव राजस्थान की राजनीति में कांग्रेस के लिए एक बड़ी परीक्षा माने जा रहे हैं। पार्टी का प्रयास है कि इस बार के चुनावों में अनुभवी नेताओं के अनुभव और युवाओं के जोश का सही तालमेल बिठाकर बेहतर परिणाम हासिल किए जाएं। कार्यशाला के बाद अब कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर बूथ स्तर पर पार्टी को सक्रिय करने की तैयारी में जुट गए हैं।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!