राजस्थान विधानसभा का मानसून सत्र: हंगामे के आसार, स्पीकर ने बुलाई सर्वदलीय बैठक

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मानसून सत्र में गरमाएगी सियासत
राजस्थान विधानसभा का छठा मानसून सत्र 20 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। इस सत्र के काफी हंगामेदार रहने की संभावना है। सत्र की शुरुआत के साथ ही विपक्ष और विभिन्न संगठनों ने सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है। सत्र के सुचारू संचालन और शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विधानसभा अध्यक्ष ने 18 अगस्त को सुबह 11 बजे सर्वदलीय बैठक बुलाई है। विधानसभा अध्यक्ष का मानना है कि सत्र से पूर्व इस तरह की बैठक बुलाने वाले वे राज्य के पहले स्पीकर हैं।
सत्र के पहले दिन ही विधानसभा के बाहर भारी विरोध प्रदर्शन की आशंका है। छात्र संघ चुनावों की बहाली की मांग को लेकर युवाओं ने विधानसभा घेराव का ऐलान किया है। वहीं, सदन के भीतर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार को घेरने के लिए 12 प्रमुख मुद्दों की सूची तैयार की है। इनमें समान नागरिक संहिता (UCC), चुनाव में देरी और पेपर लीक जैसे गंभीर विषय शामिल हैं, जिन पर तीखी बहस होने के आसार हैं।
मुख्यमंत्री के विभागों के लिए 5 मंत्रियों की नियुक्ति
सत्र के दौरान प्रश्नकाल में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के पास मौजूद विभागों से संबंधित सवालों के जवाब देने के लिए पांच मंत्रियों को अधिकृत किया गया है। यह व्यवस्था सदन की कार्यवाही को सुव्यवस्थित रखने के लिए की गई है। उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी आयोजना, जनशक्ति और सांख्यिकी विभाग से जुड़े प्रश्नों का उत्तर सदन में देंगी।
इसी तरह, मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर खान, पेट्रोलियम, आबकारी, मत्स्य, कृषि सिंचित क्षेत्र और इंदिरा गांधी नहर विभाग से संबंधित सवालों का जवाब देंगे। जोगाराम पटेल को कार्मिक, नीति निर्धारण और प्रशासनिक सुधार सहित कुल 10 विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सुमित गोदारा सूचना एवं जनसंपर्क, कृषि विपणन और श्रम विभाग के सवालों का जवाब देंगे, जबकि जवाहर सिंह बेढम गृह, एसीबी और जेल विभाग से जुड़े मामलों पर सरकार का पक्ष रखेंगे।
सर्वदलीय बैठक में शामिल होंगे प्रमुख नेता
विधानसभा सचिवालय ने सर्वदलीय बैठक के लिए सभी संबंधित दलों के नेताओं को आमंत्रण पत्र भेज दिए हैं। इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल और मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग शामिल होंगे। इनके अलावा प्रतिपक्ष के मुख्य सचेतक रफीक खान और विधायक डॉ. सुभाष गर्ग, मनोज कुमार व थावरचंद को भी आमंत्रित किया गया है।
लगभग एक सप्ताह तक चलने वाले इस मानसून सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर टकराव देखने को मिल सकता है। जहां एक ओर सरकार अपने कामकाज का लेखा-जोखा पेश करने की तैयारी में है, वहीं विपक्ष ने जनहित के मुद्दों पर सरकार को कटघरे में खड़ा करने की रणनीति बनाई है। विधानसभा अध्यक्ष की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक का मुख्य उद्देश्य सदन की कार्यवाही को बिना किसी बाधा के संपन्न कराना है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
