रायसेन की सड़कों पर मौत का सफर: क्षमता से ज्यादा सवारियां ढो रहे ऑटो, प्रशासन बेखबर
Raisen overloaded auto-rickshaws pose severe accident risk due to transport department negligence. रायसेन में ओवरलोड ऑटो बने हादसों का खतरा, 20-25 सवारियां भरकर दौड़ रहे वाहन। धान रोपाई के सीजन में नियमों की खुली अनदेखी, परिवहन विभाग की ढिलाई से यात्रियों की जान जोखिम में।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

नियमों को ताक पर रखकर दौड़ रहे ऑटो
रायसेन जिले में सार्वजनिक परिवहन के नाम पर ऑटो चालकों की मनमानी चरम पर है। सड़कों पर दौड़ रहे ऑटो रिक्शा में क्षमता से कई गुना अधिक सवारियां बिठाई जा रही हैं, जिससे आए दिन बड़े हादसों का खतरा बना रहता है। स्थानीय प्रशासन और परिवहन विभाग की सुस्ती का फायदा उठाकर ये चालक यात्रियों की जान को जोखिम में डाल रहे हैं।
सड़कों पर दौड़ते इन वाहनों की स्थिति यह है कि एक छोटे से ऑटो में 20 से 25 लोगों को ठूंस-ठूंसकर भरा जा रहा है। जगह की कमी के चलते कई यात्री वाहन के पिछले हिस्से पर लटककर या छत पर बैठकर जानलेवा सफर करने को मजबूर हैं। यह स्थिति न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन है, बल्कि किसी भी समय बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
धान रोपाई सीजन में बढ़ी लापरवाही
वर्तमान में जिले में धान की रोपाई का सीजन चल रहा है, जिसके चलते मजदूरों की आवाजाही काफी बढ़ गई है। ऑटो चालक इसी व्यस्तता का फायदा उठा रहे हैं। खेतों तक मजदूरों को पहुंचाने और वापस लाने के लिए वे ऑटो में क्षमता से कहीं अधिक सवारियां भर रहे हैं। मोटर वाहन अधिनियम के तहत ऑटो में यात्रियों की संख्या सीमित रखने का स्पष्ट प्रावधान है, लेकिन यहां नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
शहर के मुख्य मार्गों, विशेषकर सांची रोड और सागर रोड पर सुबह के समय ओवरलोड ऑटो का तांता लगा रहता है। इन रास्तों पर बेखौफ दौड़ते ये वाहन न केवल यात्रियों के लिए, बल्कि अन्य वाहन चालकों के लिए भी मुसीबत का सबब बने हुए हैं। बावजूद इसके, अब तक कोई ठोस कार्रवाई देखने को नहीं मिली है।
प्रशासनिक उदासीनता और निगरानी का अभाव
जिले में परिवहन विभाग की निगरानी व्यवस्था पूरी तरह से कमजोर नजर आ रही है। जिला परिवहन अधिकारी जगदीश भील के तबादले के बाद से रायसेन का प्रभार अन्य अधिकारियों के पास है। अतिरिक्त प्रभार होने के कारण संबंधित अधिकारी नियमित जांच और कार्रवाई करने में असमर्थ हैं, जिसका सीधा लाभ कानून तोड़ने वाले ऑटो चालकों को मिल रहा है।
हाल के दिनों में जिले में कई सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें से कुछ में ओवरलोडिंग एक बड़ा कारण रही है। इन घटनाओं के बाद भी न तो चालकों में डर है और न ही जिम्मेदार विभाग ने सख्ती दिखाई है। विशेषज्ञों का मानना है कि क्षमता से अधिक वजन होने के कारण ऑटो का संतुलन बिगड़ना आसान होता है, जिससे पलटने का खतरा बढ़ जाता है।
सख्त कार्रवाई की दरकार
मोटर वाहन अधिनियम के तहत निर्धारित क्षमता से अधिक सवारियां बैठाना एक दंडनीय अपराध है। कानून में ऐसे मामलों में भारी जुर्माने और वाहन जब्त करने का प्रावधान है। आम जनता अब मांग कर रही है कि प्रशासन को नींद से जागकर सड़कों पर सघन चेकिंग अभियान चलाना चाहिए ताकि भविष्य में किसी बड़ी अनहोनी को रोका जा सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
