मऊगंज में पागल कुत्ते का आतंक: एक ही दिन में 16 लोगों को बनाया शिकार, ग्रामीणों में दहशत
शाहपुर थाना क्षेत्र के अतरैला, महौता और सेमरिहा गांवों में सोमवार को एक पागल कुत्ते ने 16 लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। सुबह से शाम करीब 4 बजे तक कुत्ते ने रास्ते में आने वाले बच्चों और बुजुर्गों सहित कई लोगों को निशाना बनाया।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

मऊगंज के तीन गांवों में फैली दहशत
मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र में सोमवार का दिन भारी दहशत लेकर आया। क्षेत्र के अतरैला, महौता और सेमरिहा गांवों में एक पागल कुत्ते ने जमकर उत्पात मचाया। इस दौरान कुत्ते ने रास्ते से गुजर रहे राहगीरों को अपना निशाना बनाया, जिसमें कुल 16 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में मासूम बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
घटना की शुरुआत सुबह के समय हुई और शाम करीब 4 बजे तक यह सिलसिला चलता रहा। कुत्ता जिस भी रास्ते से गुजरा, वहां मौजूद लोगों पर उसने अचानक हमला कर दिया। लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। स्थानीय निवासियों के अनुसार, कुत्ते का व्यवहार अत्यंत आक्रामक था और वह बिना किसी उकसावे के लोगों को काट रहा था।
अस्पतालों में घायलों की लगी कतार
हमले के तुरंत बाद घायलों को इलाज के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों और मऊगंज सिविल अस्पताल ले जाया गया। घायलों में अतरैला निवासी 66 वर्षीय रामपति सिंह और महौता की 8 वर्षीय लक्ष्मी विश्वकर्मा शामिल हैं, जिन्हें सोमवार सुबह 10 बजे के आसपास अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके अलावा सेमरिहा की 7 वर्षीय अंशिका तिवारी और 65 वर्षीय कमला देवी त्रिपाठी का भी उपचार चल रहा है।
अस्पताल में भर्ती घायलों और उनके परिजनों ने बताया कि कुत्ता बेहद आक्रामक था। रामपति सिंह ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि कुत्ता अचानक सामने आया और उसने बिना किसी चेतावनी के हमला कर दिया। अस्पताल में मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण चिकित्सा व्यवस्था पर भी दबाव देखा गया। सभी घायलों को एंटी-रेबीज इंजेक्शन और प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार
एक ही दिन में इतनी बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश और चिंता व्याप्त है। लोगों का कहना है कि अब वे अपने घरों से बाहर निकलने में भी डर महसूस कर रहे हैं। विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक काफी चिंतित हैं। ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन से मांग की है कि इस पागल कुत्ते को जल्द से जल्द पकड़ा जाए।
प्रभावित गांवों के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में आवारा कुत्तों की निगरानी बढ़ाई जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रशासन ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की, तो भविष्य में और भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
प्रशासनिक सतर्कता की आवश्यकता
इस घटना ने एक बार फिर आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक और उनके प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मऊगंज के इन गांवों में हुई घटना के बाद अब स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय नगर निकाय को सतर्क रहने की आवश्यकता है। घायलों के उपचार के साथ-साथ यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि प्रभावित क्षेत्रों में संक्रमण न फैले।
फिलहाल, स्थानीय पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। घायलों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है, लेकिन इस घटना ने पूरे क्षेत्र में भय का वातावरण पैदा कर दिया है। प्रशासन की ओर से अब तक कुत्ते को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने की तैयारी की जा रही है ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!