जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर पुलिसिया कार्रवाई देख भड़के पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस
Punjab Minister Harjot Singh Bains supports Gen Z movement at Jantar Mantar protest. कॉकरोच जनता पार्टी के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन में पंजाब के शिक्षामंत्री हरजोत सिंह बैंस भी शामिल हुए हैं। इस मौके उन्होंने कहा कि यह सच में ही जेनजी मूवमेंट है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल प्रयोग पर उठे सवाल
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' द्वारा आयोजित संसद मार्च के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इस प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने वहां के हालात पर गहरी चिंता व्यक्त की है। बैंस ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस ने अत्यधिक बल का प्रयोग किया, जिसे उन्होंने बेहद दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है।
मंत्री ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि पिछले कुछ घंटों में उन्होंने जो देखा, वह हैरान करने वाला था। उनके अनुसार, ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे पूरी दिल्ली को प्रदर्शनकारियों से खाली कराने का सख्त आदेश दिया गया हो। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने युवाओं के साथ बर्बरता की है, जिसके कारण कई प्रदर्शनकारियों को गंभीर चोटें आई हैं।
युवाओं और पुलिस के बीच टकराव पर मंत्री की दो टूक
हरजोत बैंस ने इस पूरे घटनाक्रम पर संतुलित राय रखते हुए कहा कि पुलिस के जवान भी हमारे ही बेटे-बेटियां हैं, इसलिए प्रदर्शनकारियों को भी संयम बरतना चाहिए। उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ युवाओं की ओर से पुलिस पर पत्थरबाजी की गई, जो कि गलत है और इससे आंदोलन का मूल उद्देश्य कमजोर पड़ता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखें।
मंत्री ने आगे कहा कि यह महज सोशल मीडिया तक सीमित रहने वाला आंदोलन नहीं है, बल्कि यह एक वास्तविक 'जेनजी मूवमेंट' है। जंतर-मंतर के आसपास के इलाकों में देशभर के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से आए छात्रों की भारी मौजूदगी इस बात का प्रमाण है कि युवा अपनी मांगों को लेकर गंभीर हैं।
सरकार को दी चेतावनी, बातचीत से समाधान की अपील
केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए पंजाब के शिक्षा मंत्री ने कहा कि यदि सरकार इन युवाओं की मांगों को नजरअंदाज करती है, तो यह उसकी बड़ी भूल होगी। उन्होंने सरकार से अहंकार त्यागकर सोनम वांगचुक और अन्य आंदोलनकारियों के साथ तुरंत बातचीत शुरू करने का आग्रह किया। बैंस ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर समय रहते समाधान नहीं निकाला गया, तो यह जन-आंदोलन सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।
शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि एक राज्य के प्रतिनिधि के तौर पर वे पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कानूनों की वकालत करते हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं का भविष्य सुरक्षित करना सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है और इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
प्रदर्शन स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल
जंतर-मंतर पर हुए इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। मौके से सामने आई तस्वीरों में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प और लाठीचार्ज के दृश्य देखे गए। कई छात्र इस दौरान चोटिल हुए, जिन्हें अस्पताल ले जाने की नौबत भी आई। पुलिस की कार्रवाई के बाद प्रदर्शन स्थल पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
फिलहाल, जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने का सिलसिला जारी है। वहीं, आंदोलनकारी छात्र अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और सरकार की ओर से किसी ठोस आश्वासन का इंतजार कर रहे हैं।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
