बांकीपुर उपचुनाव: प्रशांत किशोर की जीत के लिए गया के प्राचीन मंगलागौरी मंदिर में विशेष अनुष्ठान
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए चुनाव प्रचार का शोर थमने और वोटिंग से 2 दिन पहले प्रशांत किशोर के लिए गयाजी के मंगलागौरी मंदिर में विशेष पूजा की गई। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर की जीत और बिहार में बदलाव की कामना के लिए मंगलवार को विशेष हवन, यज्ञ और पूजा-अर्चना की गई।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

प्रशांत किशोर की सफलता के लिए गया में विशेष हवन
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए प्रचार का शोर थमने के बाद, मतदान से दो दिन पूर्व गया के प्रसिद्ध मां मंगलागौरी मंदिर में जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर की जीत के लिए विशेष पूजा-अर्चना की गई। जन सुराज के गया जिला अध्यक्ष रवि रंजन के नेतृत्व में पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मंदिर में हवन और यज्ञ का आयोजन किया। इस दौरान मां मंगलागौरी से बिहार की राजनीति में सकारात्मक बदलाव और प्रशांत किशोर की भारी मतों से विजय की कामना की गई।
पूजा के दौरान जन सुराज के नेताओं ने स्पष्ट किया कि प्रशांत किशोर का संघर्ष केवल किसी चुनाव को जीतने तक सीमित नहीं है। रवि रंजन ने कहा कि यह लड़ाई बिहार की बदहाल शिक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी, पेपर लीक, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था जैसे गंभीर मुद्दों के खिलाफ है। उन्होंने दावा किया कि राज्य की जनता अब जागरूक हो चुकी है और वह विकास की राजनीति चाहती है, जिसके लिए जन सुराज एक मजबूत विकल्प बनकर उभरा है।
बदलाव की उम्मीद और जन सुराज का संकल्प
जन सुराज के नेताओं ने विश्वास जताया कि बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की जीत सुनिश्चित है। जिला अध्यक्ष रवि रंजन ने कहा कि पार्टी किसी भी चुनावी परिणाम से घबराने वाली नहीं है, बल्कि हर चुनौती से सीख लेकर आगे बढ़ रही है। उनका लक्ष्य 2029 के बिहार विधानसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाना है। उन्होंने कहा कि मां मंगलागौरी के दरबार में उन्होंने प्रदेश के सभी राजनेताओं को सद्बुद्धि देने की भी प्रार्थना की है ताकि राजनीति का उपयोग जनसेवा के लिए किया जा सके।
जन सुराज की महिला मुख्य प्रवक्ता अनुराधा कुमारी ने कहा कि मां मंगलागौरी की पावन धरती से उन्होंने बिहार में समृद्धि और विकास की कामना की है। वहीं, महिला जिला अध्यक्ष संजिता चौहान ने जोर देकर कहा कि बांकीपुर का उपचुनाव केवल एक सीट का चुनाव नहीं, बल्कि बिहार के भविष्य की दिशा तय करने वाला चुनाव है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जनता प्रशांत किशोर को भारी समर्थन देकर राज्य में नई राजनीति की शुरुआत करेगी।
ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व का केंद्र: मंगलागौरी मंदिर
गया के भस्मकूट पर्वत पर स्थित मां मंगलागौरी मंदिर का इतिहास अत्यंत प्राचीन है। मान्यताओं के अनुसार, यह मंदिर लगभग 10,000 साल पुराना है। इसे माता सती के 108 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है, जहाँ माता का एक अंग गिरा था। मंदिर के पुजारियों के अनुसार, इसका निर्माण दंडी स्वामी द्वारा कराया गया था और तब से यहाँ अखंड ज्योत निरंतर जल रही है, जो भक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र है।
मंदिर परिसर की एक और विशेषता यहाँ स्थित मौल श्री का वृक्ष है। स्थानीय लोगों और पुजारियों का कहना है कि इस वृक्ष पर पतझड़ का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। विभिन्न पुराणों में भी मां मंगलागौरी के महत्व का वर्णन मिलता है। मान्यता है कि गुरु वशिष्ठ और विश्वामित्र जैसे ऋषियों ने भी इस स्थान पर साधना की थी। अपनी इसी पौराणिक विरासत के कारण यह मंदिर गया के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में गिना जाता है।
जन सुराज के नेताओं द्वारा इस प्राचीन मंदिर में की गई पूजा ने स्थानीय स्तर पर चर्चाओं को जन्म दिया है। जहां एक ओर पार्टी कार्यकर्ता इसे नई राजनीतिक शुरुआत का संकेत मान रहे हैं, वहीं बांकीपुर उपचुनाव के नतीजे बिहार की आगामी राजनीति के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। मतदान की तारीख नजदीक आते ही राजनीतिक सरगर्मियां अपने चरम पर हैं और सभी की निगाहें अब चुनाव परिणामों पर टिकी हैं।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
