पटना में बनेगा अत्याधुनिक इंडोर स्टेडियम: 21 करोड़ की लागत से लैस होगा हाई-टेक सुविधाओं से
बिहार के खिलाड़ियों को जल्द ही हाईटेक इंडोर स्टेडियम मिलने वाला है। पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में करीब 21.20 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक इंडोर स्टेडियम का निर्माण कराया जा रहा है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

बिहार की राजधानी पटना में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के भीतर एक अत्याधुनिक इंडोर स्टेडियम का निर्माण कार्य शुरू किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 21.20 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। इस स्टेडियम का मुख्य उद्देश्य राज्य के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराना है ताकि वे भविष्य की बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए खुद को तैयार कर सकें।
मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य
यह स्टेडियम करीब 30,864 वर्गफीट के विशाल क्षेत्र में फैला होगा। निर्माण कार्य को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए मार्च 2027 की समय सीमा निर्धारित की गई है। इस स्टेडियम में कबड्डी, बास्केटबॉल, बॉक्सिंग, वॉलीबॉल, कुश्ती और जिम्नास्टिक जैसे कई इंडोर खेलों के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था होगी। इसके अलावा, योग और सेपक टाकरा जैसे खेलों के लिए भी विशेष सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
स्टेडियम की सबसे बड़ी विशेषता इसकी रिट्रैक्टेबल सीटिंग व्यवस्था है। इसमें 1,000 से अधिक दर्शकों के बैठने की क्षमता होगी, जिसे जरूरत के अनुसार खोला या समेटा जा सकेगा। इस तकनीक से स्पोर्ट्स फ्लोर का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित हो पाएगा। साथ ही, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के मैचों के लाइव प्रसारण के लिए एक समर्पित ब्रॉडकास्टिंग रूम का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे पूरे कोर्ट पर नजर रखी जा सकेगी।
खिलाड़ियों के लिए आवासीय और आधुनिक सुविधाएं
प्रशिक्षण शिविरों के दौरान बाहर से आने वाले खिलाड़ियों की सुविधा के लिए परिसर में आवासीय इंतजाम भी किए जा रहे हैं। योजना के अनुसार, महिला और पुरुष खिलाड़ियों के लिए अलग-अलग 40-40 बेड की डॉरमेट्री बनाई जाएगी। इसके अलावा, खिलाड़ियों के लिए आधुनिक चेंजिंग रूम, वॉर्म-अप एरिया और स्वच्छता के लिए बेहतर वॉशरूम की सुविधा उपलब्ध होगी, जो उन्हें एक पेशेवर माहौल प्रदान करेगी।
निर्माण कार्य में पर्यावरण के अनुकूल तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। पूरे स्टेडियम का ढांचा प्री-फैब्रिकेटेड स्टील और इंसुलेटेड पैनल से तैयार किया जाएगा। ऊर्जा की बचत के लिए इसमें सस्टेनेबल एचवीएसी एयर-कंडीशनिंग सिस्टम लगाया जाएगा, जो ग्रीन बिल्डिंग मानकों के अनुरूप होगा।
सुरक्षा और सुगमता पर विशेष ध्यान
परिसर की सुरक्षा के लिए कई इमरजेंसी एग्जिट और चौड़े कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं। दिव्यांग खिलाड़ियों और दर्शकों की सुविधा का विशेष ध्यान रखते हुए पूरे स्टेडियम में यूनिवर्सल एक्सेस रैंप की व्यवस्था की गई है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि स्टेडियम का डिजाइन सभी के लिए सुलभ और सुरक्षित हो।
इस परियोजना का विजन 2028 के लॉस एंजिल्स ओलिंपिक और 2030 के प्रस्तावित कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे बड़े आयोजनों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। राज्य सरकार का मानना है कि इस तरह के बुनियादी ढांचे से बिहार के प्रतिभावान खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने का बेहतर अवसर मिलेगा और राज्य में खेल गतिविधियों को एक नई गति प्राप्त होगी।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!