पानीपत फैक्ट्री चोरी मामला: सीआईए-1 ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार, रिमांड पर पूछताछ जारी
Panipat factory theft case suspects arrested from Kural drain. पानीपत जिले में सीआईए वन पुलिस ने सनौली क्षेत्र के गांव जलापुर प्रथम स्थित एक फैक्ट्री से प्रिंटिंग स्क्रीन चोरी करने के आरोप में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी शनिवार देर शाम कुराड़ गंदा नाला पुलिया के पास से हुई।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

पानीपत जिले में सीआईए-1 पुलिस टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री में हुई चोरी की गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस ने सनौली क्षेत्र के गांव जलापुर प्रथम स्थित एक औद्योगिक इकाई से प्रिंटिंग स्क्रीन चोरी करने के मामले में दो संदिग्धों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। यह गिरफ्तारी शनिवार देर शाम कुराड़ गंदा नाला पुलिया के पास से की गई।
गश्त के दौरान पुलिस ने दबोचा
सीआईए-1 प्रभारी इंस्पेक्टर फूल कुमार ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस टीम इलाके में गश्त कर रही थी। इसी दौरान उन्हें गुप्त सूचना मिली कि दो युवक एक स्पलेंडर बाइक पर संदिग्ध परिस्थितियों में कुराड़ गंदा नाला पुलिया के पास घूम रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दोनों को काबू कर लिया। पूछताछ में उनकी पहचान करनाल जिले के गांव बल्हेड़ा निवासी सलमान उर्फ लूक्का और मोहम्मद अम्मी उर्फ सम्मी के रूप में हुई।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उन्होंने बताया कि 19 जून की रात को उन्होंने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर जलापुर प्रथम स्थित फैक्ट्री की दीवार फांदी थी। वहां से उन्होंने कुल 46 प्रिंटिंग स्क्रीन चोरी किए थे। इस संबंध में फैक्ट्री मालिक सचिन की शिकायत पर सनौली थाने में पहले से ही मामला दर्ज था।
नशे की लत बनी चोरी की वजह
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी और उनके फरार साथी नशे के आदी हैं। नशे की जरूरतों को पूरा करने के लिए पैसों की कमी के चलते उन्होंने फैक्ट्री को अपना निशाना बनाया। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि चोरी किए गए प्रिंटिंग स्क्रीन को बेचने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश के एक कबाड़ी के पास ले जाकर रखा गया है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक भी बरामद कर ली है। रविवार को दोनों आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। रिमांड के दौरान पुलिस अब चोरी किए गए सामान की बरामदगी और फरार चल रहे अन्य साथियों की तलाश में जुटी है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि रिमांड के दौरान आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की जाएगी ताकि उत्तर प्रदेश में सामान खरीदने वाले कबाड़ी की पहचान की जा सके। इसके अलावा, फरार साथियों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी की तैयारी की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर लिया जाएगा और चोरी हुआ माल बरामद कर लिया जाएगा।
इस मामले ने औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। फैक्ट्री मालिकों को अपनी सुरक्षा और निगरानी बढ़ाने की सलाह दी जा रही है ताकि भविष्य में इस तरह की वारदातों को रोका जा सके। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
