पाली टेक्सटाइल हब में नई पहल: प्लास्टिक पैकिंग मशीन से 250 महिलाओं को मिलेगा रोजगार
Pali textile industry plastic packaging pouch cutting machine inauguration creates 250 jobs for women. टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज पाली में रोजाना के करीब 3 लाख प्लास्टिक पैकिंग पाउच (थैलियों) की जरुरत होती है। इसे देखते हुए अब पाली में कटिंग-स्लिटिंग मशीन लगाई गई है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

राजस्थान के प्रमुख टेक्सटाइल हब पाली में कपड़ा उद्योग की जरूरतों को पूरा करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। शहर में आधुनिक कटिंग और स्लिटिंग मशीनों की स्थापना की गई है, जिससे स्थानीय स्तर पर ही पैकिंग सामग्री का उत्पादन संभव हो सकेगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य न केवल औद्योगिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है, बल्कि स्थानीय महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करना भी है।
गुजरात पर निर्भरता होगी कम
पाली के कपड़ा उद्योग में तैयार वस्त्रों की पैकिंग के लिए प्लास्टिक पाउच की भारी मांग रहती है। आंकड़ों के अनुसार, शहर की इंडस्ट्रीज को रोजाना लगभग 3 लाख प्लास्टिक थैलियों की आवश्यकता होती है। अब तक इन थैलियों की आपूर्ति के लिए स्थानीय उद्यमी पूरी तरह से गुजरात के सूरत और वडोदरा जैसे शहरों पर निर्भर थे। स्थानीय स्तर पर इन मशीनों के लगने से अब उद्यमियों को पैकिंग सामग्री कम दरों पर और समय पर उपलब्ध हो सकेगी, जिससे परिवहन लागत में भी कमी आएगी।
मंडिया रोड स्थित सरस्वती स्कूल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इन मशीनों का प्रदर्शन किया गया। इस दौरान 28 इंच की पीवीसी कटिंग मशीन और 63 इंच की नॉन-वूवन स्लिटिंग मशीन की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक पाली के कपड़ा व्यवसाय को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएगी।
250 महिलाओं को मिलेगा स्वरोजगार
इस परियोजना का सबसे सकारात्मक पहलू रोजगार सृजन है। नई मशीनों के माध्यम से रोजाना लाखों पाउच की कटिंग की जाएगी। इसके बाद इन पाउच की सिलाई और इनमें जिप (चैन) लगाने का कार्य स्थानीय महिलाओं द्वारा किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया से करीब 250 महिलाओं को सीधे तौर पर रोजगार मिलने की उम्मीद है। यह पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास मानी जा रही है।
पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पाली में औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में पैकिंग सामग्री की मांग में और वृद्धि होती है, तो शहर में ऐसी ही अन्य मशीनें भी स्थापित की जाएंगी ताकि अधिक से अधिक लोगों को काम मिल सके।
स्थानीय उद्योग जगत में उत्साह
लघु उद्योग भारती, पाली द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में उद्योग जगत के कई दिग्गज और समाजसेवी शामिल हुए। कार्यक्रम में लघु उद्योग भारती के अखिल भारतीय संगठन महामंत्री प्रकाशचंद गुप्ता सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। स्थानीय उद्यमियों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे न केवल लागत कम होगी, बल्कि पाली के कपड़ा उद्योग को एक नई पहचान मिलेगी।
इस अवसर पर जिले भर से बड़ी संख्या में महिलाएं भी उपस्थित रहीं, जिन्होंने इस नई तकनीक और रोजगार के अवसरों में गहरी रुचि दिखाई। कार्यक्रम के दौरान मशीनों द्वारा प्लास्टिक पाउच की विभिन्न साइज में कटिंग का लाइव प्रदर्शन भी किया गया, जिससे उपस्थित लोगों को इसकी कार्यक्षमता का अंदाजा हुआ।
पाली में इस नई तकनीक के आने से कपड़ा उद्योग के लिए एक नया अध्याय शुरू हुआ है। अब देखना यह होगा कि यह पहल किस प्रकार से स्थानीय बाजार की गति को और तेज करती है और आने वाले समय में कितनी अन्य महिलाओं को अपने साथ जोड़ पाती है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
